नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न सदस्यों ने कहा कि आम बजट 2026-27 महिलाओं, किसानों, गरीबों, युवाओं, मध्यम वर्ग एवं उद्यमियों को सशक्त करने वाला बजट है तथा इसमें विकसित भारत के लक्ष्य की झलक दिखाई देती है।
उच्च सदन में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा की कविता पाटीदार ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौ बार बजट बनाकर एक कीर्तिमान बनाया है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में बनाया गया।
उन्होंने कहा कि आज जहां दुनिया के कई देश कर्ज में डूबे हुए हैं वहीं भारत सात प्रतिशत से अधिक की विकास दर के साथ मजबूत आर्थिक स्थिति में खड़ा है। उन्होंने कहा कि बजट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य की झलक दिखाई दे रही है।
पाटीदार ने कहा कि भारत ने दो बड़े व्यापार समझौते हाल में किए हैं, जिससे देश की मजबूत आर्थिक स्थिति की झलक मिलती है।
उन्होंने कांग्रेस सरकारों के दौरान रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ‘कमीशन’ की सरकार होती थी और आज ‘मिशन’ वाली सरकार है।
भाजपा के अशोक शंकरराव चव्हाण ने कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, गरीबों, युवाओं, मध्यम वर्ग एवं उद्यमियों को सशक्त करने वाला बजट है।
उन्होंने कहा कि यह बजट महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में महाराष्ट्र के रेलवे संबंधित कार्यों के लिए 23 हजार करोड़ रूपये से अधिक आवंटित किये गये हैं।
चव्हाण ने बजट में महाराष्ट्र के लिए सड़क परिवहन के वास्ते विभिन्न परियोजनाओं की घोषणाओं का उल्लेख किया। उन्होंने मराठवाड़ा क्षेत्र की विभिन्न परिवहन जरूरतों की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
भाजपा के सुजीत कुमार ने कहा कि यह बजट अगले 25 साल का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से सरकार ने कर्तव्य की राजनीति को बढ़ावा दिया है।
भाजपा के सतपाल शर्मा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हो सकता है कि आज की पीढ़ी बदलते हुए भारत को नहीं देख पा रही है किंतु आने वाली पीढ़ी इसे देख पाएगी और इसके लाभ ले पाएगी।
उन्होंने बजट में जम्मू कश्मीर के लिए कोई घोषणा नहीं किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा राज्य से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद वहां के हालात बड़े स्तर पर बदले हैं और आज बच्चों के बस्तों में पत्थर नहीं बल्कि कॉपी-किताबें हैं।
भाषा
माधव मनीषा
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