जम्मू, 14 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने यहां गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ-साथ सीमाओं पर जारी आतंकवाद रोधी अभियानों और ड्रोन के घुसपैठ का आकलन करने के लिए बुधवार को एक बैठक की अध्यक्षता की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 जनवरी को सुरक्षा बलों को आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद के वित्तपोषण को लक्षित करते हुए ‘मिशन मोड’ में अपने अभियान जारी रखने का निर्देश दिया था।
अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव केंद्रीय अधिकारियों की एक टीम के साथ दो दिवसीय दौरे पर दोपहर में जम्मू पहुंचे और सीधे उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के लिए कन्वेंशन सेंटर के लिए रवाना हो गए।
बैठक में खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक प्रवीण कुमार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) प्रमुख जी पी सिंह और जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात के साथ-साथ वरिष्ठ सैन्य, पुलिस, नागरिक और खुफिया अधिकारी भी शामिल हुए।
सुरक्षा बल जम्मू के पर्वतीय इलाकों और वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी नागरिकों सहित लगभग तीन दर्जन आतंकवादी दो साल से अधिक समय पहले घुसपैठ करने के बाद इन इलाकों में छिपे हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास ड्रोन गतिविधियों में भी तेजी आई है और खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि घने कोहरे की आड़ में घुसपैठ करने के लिए आतंकवादी घात लगाये बैठे हैं।
भाषा सुभाष नरेश
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