देश के विश्वविद्यालय नशा-मुक्त परिसर बनाने के लिए ‘डीयू मॉडल’ का अनुसरण करें: उपराष्ट्रपति

देश के विश्वविद्यालय नशा-मुक्त परिसर बनाने के लिए ‘डीयू मॉडल’ का अनुसरण करें: उपराष्ट्रपति

देश के विश्वविद्यालय नशा-मुक्त परिसर बनाने के लिए ‘डीयू मॉडल’ का अनुसरण करें: उपराष्ट्रपति
Modified Date: June 18, 2026 / 05:31 pm IST
Published Date: June 18, 2026 5:31 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को देश भर के विश्वविद्यालयों से ‘नशा-मुक्त परिसर अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा इस दिशा में की गई पहल की सराहना की।

दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बड़े नशा-मुक्त अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने संस्थानों के प्रमुखों से छात्रों को प्रेरित करने और नशा-मुक्त भारत के दृष्टिकोण में योगदान देने का आह्वान किया।

सोशल मीडिया पर उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब यह अभियान जोर पकड़ रहा है।

इस साल की शुरुआत में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के तौर पर राधाकृष्णन ने आधिकारिक तौर पर ‘नशा-मुक्त परिसर अभियान’ और छात्रों को सीधे जोड़ने के लिए बनाए गए एक नए ‘ई-प्लेज’ मंच की शुरुआत की थी।

अब तक की प्रगति से उम्मीद जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि डीयू ने ‘नशा-मुक्त परिसर अभियान’ के तहत एक बहुत बड़ा कदम उठाया है।

विभिन्न परिसर में किए गए समन्वित प्रयासों के ज़रिए 53,000 से अधिक छात्रों ने नशीले पदार्थों के सेवन को छोड़ने और इस अभियान के एंबेसडर (दूत) के तौर पर काम करने का संकल्प लिया है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सामूहिक प्रयासों से 53,000 से अधिक छात्रों ने जरूरी संकल्प लिया है, जो एक स्वस्थ, मज़बूत और समृद्ध राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण में योगदान दे रहा है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को ही समाज की इस बुराई के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करना चाहिए।

डीयू के सफल मॉडल को आधार बनाते हुए उपराष्ट्रपति अब इस पहल को पूरे देश में फैलाना चाहते हैं और सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से इस मॉडल का अनुसरण करने का आग्रह कर रहे हैं।

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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