विदेशी वित्तपोषण से मदरसा निर्माण : बंगाल में तृणमूल नेता के आवास पर यूपी-एटीएस का छापा

विदेशी वित्तपोषण से मदरसा निर्माण : बंगाल में तृणमूल नेता के आवास पर यूपी-एटीएस का छापा

विदेशी वित्तपोषण से मदरसा निर्माण : बंगाल में तृणमूल नेता के आवास पर यूपी-एटीएस का छापा
Modified Date: July 16, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: July 16, 2026 5:52 pm IST

कोलकाता, 16 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ते (यूपी-एटीएस) ने विदेशी वित्तपोषण से मदरसे का निर्माण मामले में बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के घर पर छापे मारे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल पुलिस के अधिकारी ने बताया कि हसनाबाद के रामेश्वरपुर इलाके में अब्दुल्ला गाजी के घर पर छापेमारी के अलावा, यूपी-एटीएस ने स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता से पूछताछ भी की।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में हारोआ समेत कई अन्य जगहों पर भी इसी तरह की तलाशी ली जा रही है और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी भी जांच में मदद कर रहे हैं।

गाजी के घर पर छापेमारी केंद्रीय बलों की सुरक्षा व्यवस्था में की गई।

अधिकारी ने बताया कि एटीएस ने यह कदम उन आरोपों के बाद उठाया है, जिनमें कहा गया था कि रामेश्वरपुर में मदरसा बनाने के लिए विदेश से तृणमूल नेता से जुड़े खातों में बड़ी रकम आई थी।

उन्होंने बताया कि एजेंसी धन के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘वे पैसों के लेन-देन की पूरी श्रृंखला, धन के स्रोत और पैसे किस उद्देश्य से लिए गए थे, इसकी जांच कर रहे हैं। जांच एक अहम मोड़ पर है और आगे की कार्रवाई जमा किए गए सबूतों पर निर्भर करेगी।’’

यूपी-एटीएस ने दो साल पहले गाजी को इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया था और उस मामले की जांच अब भी चल रही है।

सूत्र ने बताया कि अधिकारी अब जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रहे हैं।

आरोप हैं कि विदेशी चंदे के नाम पर करोड़ों रुपये जमा किए गए। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या इस धन का इस्तेमाल उसी उद्देश्य से किया गया, जिसके लिए इन्हें लिया गया था।

एटीएस ने अब तक इस अभियान के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

सूत्र ने बताया कि तलाशी के दौरान, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


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