नोएडा, 27 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि हरित ऊर्ज आज की आवश्यकता है और इसे बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। वह गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में सेल कंपनी द्वारा स्थापित किये जा रहे सौर ऊर्जा संयंत्र के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा के संकट को भारत ने नजदीक से देखा और महसूस किया है।
योगी ने कहा कि कुछ देशों के बीच जारी युद्ध के चलते दुनिया में अचानक पेट्रोलियम पदार्थ की कमी हो गई और उसके कारण उत्पन्न स्थिति की वजह से दुनिया में महंगाई चरम सीमा तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा का यह संकट कभी भी किसी भी देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज से 12 वर्ष पूर्व सत्ता संभालते ही ‘अंतरराष्ट्रीय सौर सम्मेलन’ का आयोजन करके दुनिया के देशों को स्वच्छ पर्यावरण युक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हरित ऊर्जा के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई और आज इस रणनीति का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य में शामिल है जहां सबसे ज्यादा हरित ऊर्जा पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के संकट के दौर में उत्तर प्रदेश में छह लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ‘सोलर पैनल’ लगाकर ऊर्जा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल की है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाया है उनको दिन में सोलर पैनल से पर्याप्त बिजली मिलती ही है और बिजली का बिल भी कम आता है।
उन्होंने कहा कि उप्र सरकार का लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों के अंदर राज्य में 20 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हम इस दिशा में तेजी से आगे बढे हैं। छह हजार मेगावाट हरित ऊर्जा हम सौर ऊर्जा से प्राप्त कर रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि वे पराली को नष्ट ना करें क्योंकि पराली से सीएनजी या कंप्रेस्ड बायो गैस बन सकती है या एथेनॉल का निर्माण हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल की नीति लागू होने के बाद सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि इसने राज्य के चीनी उद्योग को आत्मनिर्भर बना दिया है।
उन्होंने कहा कि आज देश में सबसे ज्यादा 55 प्रतिशत एथेनॉल का उत्पादन उत्तर प्रदेश कर रहा है क्योंकि सबसे ज्यादा संयंत्र यूपी के अंदर लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले एक वर्ष के अंदर 100 संयंत्र यूपी के अंदर स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में जंगल राज था। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए जमीन देने के लिए किसानों को धन्यवाद दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने यमुना सिटी में 15,023 करोड रुपये की निवेश वाली तीन बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस निवेश से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
भाषा सं. संतोष
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