अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर राजदूत

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अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर राजदूत

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  • Publish Date - April 23, 2026 / 12:31 AM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 12:31 AM IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर में एक साल पहले पहलगाम में हुये आतंकी हमले में मारे गये लोगों को याद करते हुये अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत के लोगों के साथ खड़ा है।

इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ खड़ा है।

पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने पिछले वर्ष इसी दिन जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इनमें अधिकतर पर्यटक थे।

गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पहलगाम में हुए भयावह हमले की पहली बरसी पर हम निर्दोष पीड़ितों को याद कर रहे हैं और उनके परिजनों के साथ शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत के लोगों के साथ खड़ा है।’

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इजराइल के विदेश मंत्री सार ने कहा, ‘इजराइल सरकार की ओर से पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर हम जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के साथ खड़े हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इजराइल आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी लड़ाई में दृढ़ और अडिग है। भारत के साथ मिलकर हम इस खतरे का दृढ़ संकल्प के साथ सामना करने और शांति, सुरक्षा व स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने सहयोग को मजबूत करना जारी रखेंगे।’

ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ग्रीन ने अपने पोस्ट में कहा, ‘एक साल बाद हम अपने भारतीय मित्रों और सहयोगियों के साथ मिलकर पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहे हैं। हम पीड़ितों और आज भी शोक में डूबे उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ खड़ा है।’

भाषा

शुभम रंजन

रंजन