(Share Market 23 April 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market 23 April 2026 in India: क्रूड ऑयल की कीमत 102 डॉलर के पार पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार का मूड बिगड़ सकता है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 अंक फिसल गया। जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि बाजार की शुरूआत कमजोरी के साथ हो सकती है। विदेशी निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने पिछले सत्र में बिकवाली की। जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। एशियाई बाजारो में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है, जबकि डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की गिरावट देखने को मिला है।
हालांकि ग्लोबल संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने के फैसले से बाजार को समर्थन मिला। इसके साथ ही कॉर्पोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। S&P 500 और Nasdaq नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। जबकि डॉओ जोन्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
तकनीकी नजरिए से बैंक निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक के अनुसार, इंडेक्स अपने 200 डे मूविंग एवरेज के पास रेजिस्टेंस झेल रहा है। हालांकि लंबी अवधि की संरचना अभी भी मजबूत बनी हुई है। शॉर्ट टर्म में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। क्योंकि RSI में गिरावट देखी गई है। 56,200 के ऊपर बने रहने पर तेजी का अनुमान है। जबकि 56,500 पर सपोर्ट और 57,800 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।
कॉर्पोरेट सेक्टर से ट्रेंट ने चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा करीब 32.5% बढ़ा है। जबकि आय में भी 19% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्जिन में भी सुधार हुआ है। कंपनी ने निवेशकों के लिए 2:1 बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। जिससे इस शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है।
पीएल कैपिटल के एक्सपर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की गिरावट आई। जबकि निफ्टी 24,450 के नीचे फिसल गया। IT सेक्टर में बिकवाली और HCLTech के कमजोर गाइडेंस के चलते बाजार पर प्रभाव पड़ा। तेल की बढ़ती कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी फंडों की बिकवाली आगे भी बाजार को सीमित दायरे में रख सकती है। हालांकि Q4 नतीजों के चलते चुनिंदा शेयरों में तेजी की उम्मीद है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।