प्रयागराज, नौ अगस्त (भाषा) काकोरी ट्रेन कार्रवाई मामले में दोषी करार दिए गए और फांसी पर चढ़ने वाले अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को राष्ट्रीय गौरव दिलाने की मांग को लेकर रविवार को यहां स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
एसआरएन अस्पताल का नाम बदलकर ठाकुर रोशन सिंह अस्पताल करने की मांग को लेकर पांच अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि अस्पताल का नाम शहीद रोशन सिंह के नाम पर किया जाना उनके लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि आजादी से पहले यह स्थान मलाका जेल हुआ करता था, जहां ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई थी।
काकोरी ट्रेन कार्रवाई दिवस के अवसर पर धरना स्थल पर दिनभर छात्र-युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों की आवाजाही रही। लोगों ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और बलिदान को याद किया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्ष 2026 ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन कार्रवाई की शताब्दी का वर्ष है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर काकोरी कांड के महानायक ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल और उनकी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारों की उपेक्षा के कारण उनके बलिदान से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है।
धरने को संबोधित करते हुए इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि जिस पवित्र भूमि पर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह ने देश के लिए अपना बलिदान दिया, उसी स्थान को उनका नाम और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन सरकारों ने उसी समय इस स्थल का नाम शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर कर दिया होता तो आज लोगों को आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।
भाषा
राजेंद्र रवि कांत