उत्तराखंड विधानसभा में सख्त प्रावधान वाला धर्मांतरण रोधी संशोधन ​विधेयक पारित

उत्तराखंड विधानसभा में सख्त प्रावधान वाला धर्मांतरण रोधी संशोधन ​विधेयक पारित

उत्तराखंड विधानसभा में सख्त प्रावधान वाला धर्मांतरण रोधी संशोधन ​विधेयक पारित
Modified Date: November 30, 2022 / 08:13 pm IST
Published Date: November 30, 2022 8:13 pm IST

देहरादून, 30 नवंबर (भाषा) उत्तराखंड विधानसभा ने बुधवार को कड़े प्रावधानों वाला धर्मांतरण रोधी संशोधन विधेयक पारित कर दिया जिसमें जबरन धर्म परिवर्तन के दोषियों के लिए तीन साल से लेकर 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक-2022 को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को यह विधेयक विधानसभा में पेश किया था। प्रदेश के धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इसे पेश करते हुए कहा था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 27 और 28 के अनुसार, प्रत्येक धर्म को समान रूप से प्रबल करने के उद्देश्य में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिए यह संशोधन विधेयक लाया गया है।

विधेयक में विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाते हुए दोषियों के लिए न्यूनतम तीन साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक के कारावास का प्रावधान है। इसमें कम से कम पचास हजार रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इस संशोधन के बाद अपराध करने वाले को कम से कम पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान भी करना भी पड़ सकता है जो पीडि़त को दी जाएगी।

विधेयक के अनुसार, कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बल, प्रलोभन या कपटपूर्ण साधन द्वारा एक धर्म से दूसरे में परिवर्तित या परिवर्तित करने का प्रयास नहीं करेगा। कोई व्यक्ति ऐसे धर्म परिवर्तन के लिए उत्प्रेरित या षड्यंत्र नहीं करेगा।

भाषा दीप्ति दीप्ति नेत्रपाल

नेत्रपाल


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