उत्तराखंड व्यवसायी हत्याकांड: मृतक की मां और दो मुख्य आरोपियों समेत पांच लोग गिरफ्तार

Ads

उत्तराखंड व्यवसायी हत्याकांड: मृतक की मां और दो मुख्य आरोपियों समेत पांच लोग गिरफ्तार

  •  
  • Publish Date - February 12, 2026 / 09:07 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 09:07 PM IST

देहरादून, 12 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में दिन दहाड़े हुए व्यवसायी अर्जुन शर्मा की हत्या के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने उनकी मां और घटना को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक शर्मा (42) की बुधवार को तिब्बती मार्केट के बाहर स्कूटी सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि गोलियां चलाने वाले दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार तड़के देहरादून जिले में अलग-अलग जगहों पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पौड़ी जिले के देवीखाल के रहने वाले राजीव उर्फ राजू राणा व पंकज राणा के रूप में हुई है और ये दोनों सगे भाई हैं।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस और स्कूटी बरामद हुई है।

अधिकारी ने बताया कि घटना की गहन जांच और मुख्य आरोपियों से घंटों चली पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश में शामिल व मुकदमे में नामजद मृतक की मां बीना शर्मा व उनके दो सहयोगियों, विनोद उनियाल और डॉ अजय खन्ना को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि हत्या का मकसद अर्जुन और उसकी मां व उनके सहयोगियों के बीच संपत्ति को लेकर जारी विवाद था।

अधिकारी ने बताया, “बीना शर्मा व उनके सहयोगियों ने अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपये में शूटरों को सुपारी दी थी।”

सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि पंकज राणा विनोद उनियाल का चालक था।

अधिकारी ने बताया कि डॉ. खन्ना ने बीना शर्मा की देहरादून में जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को 14 करोड़ रुपये में खरीदने का सौदा किया था, जिसमें से आठ करोड़ रुपये वह दे चुका था हालांकि, अर्जुन शर्मा इस सौदे के खिलाफ था और उसने अदालत में संपत्ति की बिक्री पर रोक लगवाने की अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था।

उन्होंने बताया कि आठ करोड़ रुपये देने के बाद भी संपत्ति न खरीद पाने के कारण डॉ. खन्ना परेशान था और बीना शर्मा पर रकम वापस करने का दवाब बना रहा था।

अधिकारी ने बताया कि इसी बात को लेकर बीना शर्मा और अर्जुन के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सुपारी में मिले 12 लाख रुपये में से तीन लाख रुपये पंकज और राजीव को पहले दे दिए थे जबकि बाकी का भुगतान काम समाप्त होने के बाद किया जाना था।

सिंह ने बताया कि मामले की जांच में यह भी पता चला कि डॉ. खन्ना ने बीना शर्मा की संपत्ति खरीदने के लिए आठ करोड़ रुपये उनके करीबी विनोद उनियाल के बैंक खाते में डाले थे।

भाषा दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र