उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बिखरी जोतों को एकीकृत करने के लिए चकबंदी प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी

Ads

उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बिखरी जोतों को एकीकृत करने के लिए चकबंदी प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी

  •  
  • Publish Date - May 13, 2026 / 11:21 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 11:21 PM IST

देहरादून, 13 मई (भाषा) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बुधवार को पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बिखरी जोतों को एकीकृत कर कृषि को बढ़ावा देने और पलायन रोकने के लिए ‘स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति-2026’ को लागू करने की मंजूरी दे दी । अधिकारियों ने यह जानकारी दी ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि नीति के तहत पांच वर्षों में 11 पर्वतीय जिलों के 275 गांवों को चकबंदी से जोड़ने का लक्ष्य है । उन्होंने कहा कि इसमें प्रतिवर्ष हर जिले में पांच गांवों में चकबंदी का काम पूरा किया जाएगा ।

अधिकारियों ने कहा कि नीति में चकबंदी के लिए केवल उन्हीं गांवों का चयन किया जाएगा जो किसी भी प्रकार के भू-विवाद से पूर्णतः मुक्त हों।

अधिकारियों के अनुसार इसके साथ ही संबंधित चकबंदी क्षेत्र का न्यूनतम कुल भूमि क्षेत्रफल 10.00 हेक्टेयर होना आवश्यक है अन्यथा इसके लिए न्यूनतम 25 खाताधारकों की लिखित सहमति लेना जरूरी होगा ।

अधिकारियों के मुताबिक इस नीति के अंतर्गत भू-मालिकों द्वारा आपसी सहमति से चक निर्माण का कार्य किया जाएगा तथा उनके द्वारा स्वयं चकबंदी योजना तैयार कर संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार नीति के तहत कृषकों को विशेष प्रोत्साहन और लाभ की व्यवस्था की गई है। यह लाभ उन्हें स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी योजना के पूर्ण होने के बाद देय होगा।

अधिकारियों ने कहा कि नीति के पारदर्शी संचालन, अनुश्रवण एवं समीक्षा के लिए राज्य स्तर पर एक उच्चाधिकार समिति, राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति तथा जिला स्तर पर क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है तथा नीति के लागू होने के तीन वर्ष बाद इसमें आवश्यक संशोधन और सुधार किए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि चूंकि राज्य का अधिकतम क्षेत्र सीमांत और पर्वतीय है तथा यहां पर वन संपदा तथा वन्य जीव विविधता की अधिकता के चलते कृषि उत्पादन के लिए भूमि की उपलब्धता न्यूनतम है, इसलिए माना जा रहा है कि इस निर्णय से राज्य में कृषि, बागवानी और सह कृषि गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

एक अन्य फैसले में, राज्य मंत्रिमंडल ने ‘होमस्टे’ एवं ‘ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट’ के लिये अलग-अलग नियमावलियों को संकलित करते हुए एक नियमावली के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत ‘होमस्टे’ के तहत कमरों की संख्या को पांच से बढाकर आठ किया गया है जबकि नवीनीकरण की व्यवस्था को सरल करते हुए फीस के ऑनलाईन भुगतान के बाद उसे ऑटोमैटिक नवीनीकरण माना जाएगा ।

भाषा दीप्ति

राजकुमार

राजकुमार