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श्रीनगर, 30 अप्रैल (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली सीधी ट्रेन जम्मू से कश्मीर घाटी पहुंचने के बाद पूंछ, राजौरी और उरी जैसे दूरदराज इलाकों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने पर ध्यान देने का वादा किया।
महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना पूरी होने के बाद, वैष्णव ने कहा कि पूंछ-राजौरी क्षेत्र को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने और बारामूला जिले के सीमावर्ती कस्बे उरी तक रेल लाइन के विस्तार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है।
इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
श्रीनगर और जम्मू के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से दोनों राजधानियों के बीच यात्रा का समय कम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हर मौसम में सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6 जून 2025 को कटरा और श्रीनगर के बीच पहली सीधी ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया था, जिसे अब जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तारित किया गया है।
लगभग 43,780 करोड़ रुपये की इस रेल परियोजना पर काम 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ था, जबकि कश्मीर घाटी में पहली ट्रेन अक्टूबर 2008 में चली थी।
समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वैष्णव ने कहा कि सरकार पूंछ-राजौरी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ उरी तक रेल लाइन बिछाने पर भी काम करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अब पूंछ और राजौरी को रेल के माध्यम से जोड़ने पर ध्यान देंगे। उरी को भी ट्रेन से जोड़ने की परियोजना शुरू की जाएगी। डीपीआर तैयार हैं और हम जल्द काम शुरू करने की कोशिश करेंगे।’’
उन्होंने जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए जीवनरेखा बन गई है।
वैष्णव ने कहा, “यह ट्रेन सेवा जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पिछले साल प्रधानमंत्री ने कटरा और कश्मीर के बीच इस सेवा का उद्घाटन किया था। यह ट्रेन 100 प्रतिशत क्षमता के साथ चल रही है और बहुत लोकप्रिय है।”
उन्होंने बताया कि ट्रेन की यात्री क्षमता बढ़ाने की काफी मांग थी।
वैष्णव ने कहा, “पहले आठ डिब्बों वाली ट्रेन 100 प्रतिशत क्षमता से चल रही थी, इसलिए डिब्बों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है।”
उन्होंने कहा कि इस ट्रेन सेवा से कश्मीर के लोगों को काफी लाभ हुआ है, क्योंकि इसके जरिए सीमेंट, कार और बाइक जैसे सामान की ढुलाई भी हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जानकारी मिली है कि सीमेंट की कीमत में करीब 50 रुपये प्रति बोरी की कमी आई है। लगभग दो करोड़ किलोग्राम (20,000 टन) सेब और अन्य फल ट्रेन के जरिए देश के अन्य हिस्सों में भेजे गए हैं।’’
रेल मंत्री ने कहा कि यह ट्रेन हर मौसम में चल सकती है।
उन्होंने कहा, “हम इस ट्रेन को माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी चला सकते हैं। पिछली सर्दियों में एक फुट बर्फबारी के बावजूद ट्रेन चलती रही। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक और सभी जरूरी सुविधाएं हैं।”
वैष्णव ने कहा कि यह पहली बार है जब इतनी ऊंचाई पर ट्रेन चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे फल, सामान और अन्य वस्तुओं की ढुलाई में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा के विस्तार के लिए रेल मंत्री और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, “मैं जम्मू को रेल के जरिए कश्मीर से जोड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों की ओर से वैष्णव और उनके माध्यम से केंद्र सरकार को बधाई व धन्यवाद देना चाहता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सीमेंट और कारों जैसे सामान का परिवहन संभव हो गया है, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “इस ट्रेन की खासियत यह है कि इससे न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि सीमेंट जैसे सामान की ढुलाई भी संभव होगी। मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि रेल के जरिए मारुति कारें श्रीनगर भेजी जा रही हैं और कश्मीर के फल बाहर ले जाए जा रहे हैं।”
उमर अब्दुल्ला ने रेल मंत्री से जम्मू-कश्मीर में एक भूपत्तन स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे निर्यात के लिए सीमाशुल्क मंजूरी स्थानीय स्तर पर ही दी जा सकेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यहां भूपत्तन की तत्काल आवश्यकता है, ताकि हमें अपने निर्यात के लिए अन्य शहरों में सीमाशुल्क मंजूरी की जरूरत न पड़े। यह प्रक्रिया यहीं होनी चाहिए, इससे हमारे कारोबार को फायदा होगा।’’
जम्मू और श्रीनगर के बीच रेल संपर्क के महत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग कई वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “इतने वर्षों से हम जम्मू से श्रीनगर तक ट्रेन से यात्रा करने का इंतजार कर रहे थे। अब हमें जम्मू से कटरा के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने की जरूरत नहीं है।”
अब्दुल्ला ने कहा, “सौभाग्य से, अब इसे (ट्रेन को) आठ डिब्बों से बढ़ाकर 20 कर दिया गया है। पहले 500 यात्री यात्रा करते थे, अब 1400 लोग इससे सफर कर सकते हैं। यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।”
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू और श्रीनगर के बीच सीधी ट्रेन सेवा से केंद्र शासित प्रदेश में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों व तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा आसान होगी।
भाषा जोहेब शफीक
शफीक