मनरेगा में अनियमितताओं की शिकायत के बाद ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना लाई गई : चौहान

मनरेगा में अनियमितताओं की शिकायत के बाद ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना लाई गई : चौहान

मनरेगा में अनियमितताओं की शिकायत के बाद ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना लाई गई : चौहान
Modified Date: March 17, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: March 17, 2026 3:36 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार ग्रामीण गारंटी योजना में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद इस योजना के पूरे स्वरूप में बदलाव का विचार किया गया और ‘‘विकसित भारत जी राम जी’’ योजना लाई गई।

उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत अब गांवों के विकास की योजना दिल्ली में नहीं, राज्य में नहीं बल्कि ग्राम पंचायत में बनेगी।

ग्रामीण मंत्रालय के कामकाज पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने यह भी कहा कि इस योजना के केंद्र में मजदूरों को रोजगार देने का भाव है और यही वजह है कि उनके लिए 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा ‘‘इसके लिए तय राशि को देखें तो एक एक पंचायत के विकास पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।’’

ग्रामीण मंत्रालय के कामकाज पर यह चर्चा दस मार्च को शुरू हुई थी और इसमें 54 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

चौहान ने कहा ‘‘चर्चा में कई सदस्यों ने दोहराया कि मनरेगा का नाम बदल कर वीबी जी राम जी रख दिया और महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया।’’

उन्होंने कहा ‘‘बापू हम सबके माननीय हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद बापू पर पूरी श्रद्धा के साथ चर्चा करते हैं। बापू हमारे विचारों में हैं और हमने सदैव बापू का आदर किया है। कुछ लोग बापू का नाम भले ही लेते हैं पर उनके सिद्धांतों को नहीं मानते।’’

चौहान ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला, आपातकाल लगाना आदि बापू के विचारों के खिलाफ है।

ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के समय पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम पर जवाहर रोजगार योजना लाई गई। ‘‘अगर नाम बदलना अपमान है तो सबसे पहले यह अपमान कांग्रेस ने नेहरू के नाम पर चलाई जा रही योजना का नाम बदल कर किया। ’’

उन्होंने कहा कि पहले रोजगार गारंटी योजना का नाम ‘‘नरेगा’’ (राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना) था लेकिन वोट लेने के लिए इसे ‘मनरेगा’’ किया गया।

चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में एक ही परिवार के नाम पर कई योजनाओं के नाम रखे गए। उन्होंने दावा किया कि करीब 600 योजनाओं के नाम नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम पर रखे गए।

उन्होंने कहा कि ‘‘वीबी जी राम जी’’ योजना यानी विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) नाम रखने में क्या गलत है।

कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि गुजरात में एक स्टेडियम का नाम नरेन्द्र मोदी के नाम पर है।

इस पर सदन में मौजूद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकारी प्रतिष्ठानों के नाम एक ही परिवार के नाम पर रखा गया लेकिन गुजरात में एक निजी संस्था है जिसने स्टेडियम का नाम मोदी के नाम पर रखा।

चौहान ने कहा कि वह महापुरुषों का सम्मान करते हैं और उनके नाम सम्मान के साथ लेते हैं। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ने नेता जी सुभाषचंद्र बोस, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आजाद, बिस्मिल, भगत सिंह और पूरे देश को एक सूत्र में बांधने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर कितनी योजनाओं का नाम रखा?

उन्होंने कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विश्वास है और उन्होंने मनरेगा खत्म करने के विपक्ष के आरोपों पर विश्वास नहीं किया। उन्होंने कहा कि बजट में 95,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान वीबी जी राम जी योजना के लिए किया गया। राज्य सरकारों ने भी अपने अपने बजट में योजना के लिए प्रावधान किए हैं।

चौहान ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति निरंतर मजबूत हो रही है, केंद्र के साथ ही राज्य भी आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और केंद्र की ओर से राज्यों को उनकी हिस्सेदारी भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा ‘‘ वीबी जी राम जी योजना के लिए झारखंड में बजट में 1986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। पंजाब में 610 करोड़ 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। जम्मू कश्मीर में 216 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश में योजना के लिए 143 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये वे राज्य हैं जहां हमारी पार्टी की सरकार नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने वीबी जी राम जी योजना के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि योजना का नाम इसलिए नहीं बदला कि यह किसी दूसरी सरकार ने शुरू की थी बल्कि इसे बेहतर बनाने के लिए नाम सहित कई बदलाव किए गए हैं।

चौहान ने कहा कि मनरेगा के तहत संप्रग सरकार के कार्यकाल में दी गई राशि की तुलना में राजग सरकार के कार्यकाल में कई गुना अधिक राशि दी गई है और किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।

तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को मनरेगा का बकाया अब तक नहीं मिला है।

चौहान ने कहा कि अनियमितताओं की वजह से पश्चिम बंगाल का मनरेगा का बकाया रोका गया। ‘‘लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग की योजनाओं और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की राशि राज्य को दी जा चुकी है।’’

उन्होंने बताया कि मनरेगा में अनियमितताओं की 11 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं तथा ‘‘तब मनेरगा के पूरे स्वरूप में बदलाव का विचार किया गया ताकि इसके पैसे का सही उपयोग मजदूरों के लिए और गांवों के विकास के लिए भी हो। ’’

चौहान ने कहा ‘‘तब वीबी जी राम जी योजना लाई गई। इसके केंद्र में मजदूरों को रोजगार का भाव है और यही वजह है कि उनके लिए 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया। इसके लिए तय राशि को देखें तो एक-एक पंचायत के विकास पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।’’

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश


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