विहिप और संत समाज ने संसद परिसर में भगवा वेश में विपक्ष के प्रदर्शन की निंदा की

विहिप और संत समाज ने संसद परिसर में भगवा वेश में विपक्ष के प्रदर्शन की निंदा की

विहिप और संत समाज ने संसद परिसर में भगवा वेश में विपक्ष के प्रदर्शन की निंदा की
Modified Date: July 31, 2026 / 06:05 pm IST
Published Date: July 31, 2026 6:05 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को उजागर करने के लिए संसद परिसर में भगवा कपड़े पहनकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और विपक्ष के अन्य सांसदों द्वारा किए गए एक ‘नाटक’ की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि इस प्रदर्शन से हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है।

अखिल भारतीय संत समिति ने भी इस विरोध-प्रदर्शन की आलोचना की और इसमें शामिल सांसदों के निष्कासन की मांग की। समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से प्रदर्शन में शामिल सांसदों की सदस्यता रद्द करने की अपील की।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी चढ़ावा चोरी के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल थे।

संसद के मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए सांसदों ने ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। सांसदों ने मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने दान-पात्र रखे और निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उन बक्सों के पास बैठ गए। राजेश रंजन पप्पू यादव के नाम से भी जाने जाते हैं।

एक नाटक के तौर पर, राहुल गांधी समेत सांसदों ने बक्सों में पैसे डाले, जबकि गेरुआ कपड़े पहने यादव ने राम मंदिर में कथित चोरी को दिखाने के लिए पैसे अपनी जेब में डाल लिए।

एक वीडियो बयान में, विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुरेंद्र जैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित यादव तथा गांधी और कांग्रेस के अन्य सांसदों एवं समाजवादी पार्टी के अन्य सांसदों ने हिंदू संतों के कपड़े पहनकर ‘अश्लील’ विरोध प्रदर्शन किया।

जैन ने कहा, ‘‘विहिप उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही है। हम लोकसभाध्यक्ष से अनुरोध करते हैं कि वह उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें ताकि कोई भी इस तरह हिंदू आस्था का अपमान करने की हिम्मत न करे।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘संत का वेश धारण करके उन्होंने न केवल संतों का अपमान किया है, बल्कि हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। देश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।”

रामायण से तुलना करते हुए जैन ने कहा, “जिस प्रकार रावण ने सीता का अपहरण करने के लिए संत का वेश धारण किया था, क्या अब वे संत का वेश धारण करके हिंदू धर्म पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं? ऐसा कभी संभव नहीं होगा।”

जैन ने कहा, ‘‘ देश की जनता नाराज है। जनता एवं संतों का यह गुस्सा जल्द ही सड़कों पर दिखाई देगा।’’

उन्होंने विपक्षी नेताओं को ‘मौलवी या पादरी का भेष धारण कर इन धर्मों का मजाक उड़ाने की चुनौती दी।’ उन्होंने आरोप लगाया कि वे केवल हिंदू मान्यताओं को निशाना बना सकते हैं।

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्रानंद सरस्वती ने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया,‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, अन्य कांग्रेस सांसदों और पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर सनातन धर्म का अपमान करने के लिए संसद परिसर का गलत इस्तेमाल करना अस्वीकार्य है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राम मंदिर के मुद्दे पर अयोध्या के संतों ने पहले ही अपनी प्रतिक्रिया दे दी है। कथित चोरी के मामले को एसआईटी और उच्चतम न्यायालय देखेगा। लेकिन इसे बहाना बनाकर सनातन धर्म और संतों के त्याग एवं तपस्या को बदनाम करने की कोशिश को अखिल भारतीय संत समिति बर्दाश्त नहीं करेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें देश के हिंदुओं से बिना शर्त माफ़ी मांगनी चाहिए। वरना, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को उनकी सदस्यता खत्म कर देनी चाहिए। अखिल भारतीय संत समिति की यह मांग है।’’

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश


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