चेन्नई, 21 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को थम जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, अन्नाद्रमुक के महासचिव पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि ने राज्य भर में रोड शो किए और अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।
हालांकि विकास, केंद्रीय निधि आवंटन, परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे मुद्दे लगभग एक महीने तक जारी रोमांचक चुनाव अभियान में हावी रहे, व्यक्तिगत हमलों के अलावा, चुनाव की तारीख की उलटी गिनती के दौरान परिसीमन प्रक्रिया ने प्रमुख स्थान ले लिया।
राज्य में द्रमुक नीत ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलाएंस’ और अन्नाद्रमुक नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, दोनों शक्तिशाली गठबंधन एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। द्रमुक 234 सीटों में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसके सहयोगी 70 सीटों पर मैदान में हैं, वहीं अन्नाद्रमुक 169 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसके सहयोगी 65 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इस बार चुनाव और दिलचस्प हैं क्योंकि अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम सभी निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रही है।
सत्तारूढ़ द्रमुक ने मक्कल नीधि मय्यम पार्टी के प्रमुख अभिनेता-राजनेता कमल हासन को विजय के खिलाफ प्रचार में उतारा है। विजय पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं।
पूर्व फिल्म निर्देशक सीमान के नेतृत्व वाली नाम तमिलर काची भी सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा