Yeh Rishta Kya Kehlata hai 21st April 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TV Promos India
Yeh Rishta Kya Kehlata hai: ‘StarPlus‘ के सबसे पसंदीदा शो ‘यह रिश्ता क्या कहलाता है‘ की शुरुआत होती है अभिरा की गहरी सोच और आत्म-संघर्ष के साथ। जहां मायरा की बेगुनाही साबित न कर पाने के कारण, अभिरा खुद को एक बुरी माँ और एक फेल लॉयर मानती है उसे महसूस होता है कि जब वह दोनों की भूमिकाओं में खुद को साबित नहीं कर पाई, इसलिए वह मायरा का केस नहीं लड़ पाएगी।
अरमान, अभिरा से मिलकर उसे याद दिलाता है कि 8 साल पहले भी मायरा को उसकी ज़रूरत थी और आज भी है। अभिरा खुद को एक लूज़र कहती है, वह कहती है कि न तो वह एक अच्छी माँ है और न ही एक अच्छी लॉयर.. अरमान उसे समझाता है कि वह बेस्ट लॉयर है और उससे वापिस लड़ने के लिए कहता है, लेकिन अभिरा कहती है कि वह क्यों चाहता है कि मायरा यह केस हार जाए? वह अरमान से कागज़ों पर साइन करने और मायरा का केस लड़ने को कहती है साथ ही वह अरमान से रिमांड रूम में मायरा के पास जाने को कहती है क्योंकि उसे अभी भरोसे और आराम की बहुत ज़रूरत है।
अरमान को अतीत में उसके द्वारा की हुई गलतियां याद आती है जिसकी वजह से उसका पूरा परिवार बिखर गया। वह अभिरा को मायरा का केस लड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है और यह भी कहता है कि मायरा को उसके माता-पिता दोनों की ज़रूरत है और वे दोनों हार नहीं मान सकते। अभिरा कहती है कि उसने बहुत समय से प्रैक्टिस नहीं की है। वह अभी सिर्फ मैकेनिक है लॉयर नहीं। तब अरमान उसे जवाब देता है कि हर माँ अपने बच्चे की लॉयर होती है। वह कहता है कि जिस प्रकार माता पार्वती ने श्री गणेश के लिए लड़ाई लड़ी और माँ यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण की रक्षा की, वह अभिरा से मायरा का केस लड़ने की विनती करता है।
दूसरी ओर, मायरा सोचती है कि पूरा दिन बीत गया लेकिन उससे मिलने न अरमान आया और न ही अभिरा। वह निराश होकर अंदर जाने लगती है तभी अभिरा उसे पुकारती है, मायरा, अभिरा को वहां देख कसके उसे गले लगा लेती है। माँ और बेटी के इस मिलन को अरमान और मुक्ति देख रहे होते हैं। अभिरा, मायरा से कहती है कि उसे लगा था कि मायरा उससे नाराज़ होगी क्योंकि वह उसकी जमाने नहीं करवा पाई।
मायरा जवाब देती है कि वह भला उससे कैसे नाराज़ हो सकती है, वह उसका प्यार और उसकी मेहनत देख सकती है कि घायल होने के बावजूद, जहां उसे आराम करना चाहिए वहां वह उसका केस लड़ रही है वह कहती है कि उसे उसपर पूरा भरोसा है। अभिरा, मायरा से उसपर भरोसा करने के लिए धन्यवाद कहती है। मुक्ति, अरमान से अभिरा और मायरा की तस्वीर खींचने के लिए कहती है, वह कहती है कि कई सालों बाद, अभिरा और मायरा खुश नज़र आए हैं।
अरमान, मुक्ति से अपनी गलती की माफ़ी मांगता है। मुक्ति कहती है कि उसने वह गलती जानबूझकर नहीं की, इसलिए उसे माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए। अरमान, मुक्ति को गले लगाकर कहता है कि वह बिलकुल अभिरा जैसी है। मुक्ति कहती है कि अभिरा जैसी कोई नहीं हो सकती।
अरमान का फ़ोन न लगने पर विद्या को चिंता होती है। माधव कहता है कि अरमान रास्ते में होगा, कावेरी कहती है कि इतने लम्बे समय बाद अरमान सही रास्ते पर आया है। कावेरी, आर्यन को सरप्राइज लाने को कहती है। विद्या, कावेरी से पूछती है कि क्या उसे ज़रा से भी अरमान की चिंता नहीं है? कावेरी कहती है कि अरमान आ गया…
विद्या अरमान से पूछती है कि क्या उसने मायरा को बताया कि वह उसका केस लड़ रहा है। अरमान कहता है कि मायरा का केस उसकी माँ ही लड़ेगी। कावेरी अरमान को टॉफी देती है। आर्यन, दिशा को बताता है कि कावेरी द्वारा दी हुई टॉफी किसी मैडल से काम नहीं होती। कावेरी कहती है कि सही मायने में अक्षय तृतीया शुभ हो गई।
अभिरा सोचती है कि मायरा की कस्टडी के पेपर न उसने तैयार करवाए और न ही अरमान ने, तो इन सब के पीछे किसका हाथ है? काजल, विद्या से बातचीत के दौरान उसे अरमान और अभिरा को अलग करने को लेकर सवाल करती है, तभी अभिरा के सामने वह सच आ जाता है कि विद्या ने ही उसे और अरमान को अलग किया था।