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Ajjar Par Baba Chhatarpur: छतरपुर: MP के छतरपुर जिले के केड़ी गांव इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में है, जहां एक 16 वर्षीय किशोर ने खुद को ‘बाबा’ के रूप में स्थापित कर लिया है। करण कुशवाहा, जिन्हें अजर पार बाबा के नाम से जाना जा रहा है, दावा करते हैं कि वे कैंसर और लकवा जैसी गंभीर बीमारियों को भी ठीक कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वे बिना पर्ची लिखे ही लोगों का भूत और भविष्य बताने का दावा भी करते हैं। हालांकि, एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे खुद के भविष्य के बारे में पूछा गया, तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। करण ने बताया कि उन्होंने नौवीं तक पढ़ाई की है और आगे पढ़ाई जारी रखने का इरादा भी रखते हैं, लेकिन फिलहाल उनका लक्ष्य बाबा बनकर दरबार लगाना ही है।
केड़ी गांव झांसी-खजुराहो हाईवे पर स्थित है और यहां चंदेल काल की पहाड़ियां और अजर पार बाबा की समाधि स्थल पहले से ही आस्था का केंद्र रही है। इसी स्थान पर करण कुशवाहा पहले नारियल बेचने का काम करते थे और कुछ समय तक ई-रिक्शा भी चलाया। करीब ढाई साल से वे यहां दरबार लगा रहे हैं, लेकिन पिछले दो महीनों में सोशल मीडिया पर प्रचार बढ़ने के बाद अचानक लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। बाबा के दरबार में दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं, जिससे अब वहां अव्यवस्था की स्थिति भी बनने लगी है। एक दिन तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दरबार बंद तक करना पड़ा।
करण कुशवाहा का दावा है कि उन्होंने दिल्ली से आए एक कैंसर मरीज को दो-तीन दिन में ठीक कर दिया, जिसके बाद उनकी प्रसिद्धि तेजी से बढ़ी। हालांकि, वे लोगों को डॉक्टर के पास जाने की सलाह देने की बात भी कहते हैं। बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उन्होंने छतरपुर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है और यह भी बताया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। वहीं, इस क्षेत्र में पहले से बागेश्वर धाम भी प्रसिद्ध है, जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर्ची के जरिए भविष्यवाणी करते हैं। इसके विपरीत, करण बिना पर्ची के ही दावा कर रहे हैं। उनका दरबार हर रविवार और बुधवार को लगता है, और अब वे साधना पर जाने की बात भी कह रहे हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और चर्चा दोनों तेजी से बढ़ रही है।