Reported By: Rajesh Mishra
,रायपुरः CG Congress PC परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने की वजह से इन दिनों देश की सियासत गर्म हो गई है। भाजपा और कांग्रेस इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। इसी बीच अब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की राष्ट्रीय नेत्री और छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने पार्टी की महिला विधायकों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेस की। उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, सावित्री मंडावी, हर्षिता बघेल, शेषराज हरवंश, अंबिका मरकाम समेत पार्टी के अन्य महिला जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं।
प्रेस वार्ता में रंजीत रंजन ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की नीयत में शुरू से ही खोट थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ, लेकिन उसके बाद से इसे लागू करने में देरी की जा रही है। हमने इसे लागू करने की मांग की। उस वक्त बीजेपी ने कहा कि हम 2024 में नहीं कर सकते उसके पहले हम जनगणना करेंगे। 2026 में जब पांच राज्यों के चुनाव चल रहे हैं, तब भाजपा ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर बिल लाया। हमारे नेता राहुल गांधी और खरगे इसे चुनाव खत्म होने के बाद संशोधन बिल लाने की बात कही थी। रंजीता रंजन ने कहा कि भाजपा ने जिन महिलाओं के साथ अन्याय किया है अब उन्हीं को सामने रखकर विरोध प्रदर्शन करवा रही है। बिना जनगणना के परिसीमन नहीं किया जा सकता है।
CG Mahila Congress PC उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिल पारित होने के तीन महीने बाद आधी रात को उसका नोटिफिकेशन क्यों जारी किया गया। रंजन ने कहा कि बिना जनगणना के परिसीमन संभव नहीं है और सरकार यदि चाहें तो तत्काल शर्तें हटाकर महिलाओं को आरक्षण दे सकती है। उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के साथ “धोखाधड़ी” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह “हाथी के दांत दिखाने और खाने के अलग” जैसा व्यवहार है। कांग्रेस ने पंचायती राज में 50 % आरक्षण देकर महिलाओं को सक्षम बनाया
इस दौरान अनिला भेड़िया ने कहा कि भाजपा महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है और यह पूरा मुद्दा राजनीतिक उद्देश्य से खड़ा किया गया है। कांग्रेस की महिला विधायक विधानसभा के विशेष सत्र में अपना पक्ष रखेंगी। भाजपा अपनी नाक बचाने ये विशेष सत्र बुला रही है। वहीं संगीता सिंहा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है और वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का समर्थन करती है। कांग्रेस की महिला नेताओं ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने पंचायती राज व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को सशक्त बनाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं भाजपा के “झांसे” में नहीं आएंगी।