Hyderabad Crime News: भरोसे के नाम पर खेला खतरनाक खेल! पहले इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग युवतियों से करता था दोस्ती, फिर.., सच जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

Ads

Hyderabad Crime News: भरोसे के नाम पर खेला खतरनाक खेल! पहले इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग युवतियों से करता था दोस्ती, फिर.., सच जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

  •  
  • Publish Date - April 21, 2026 / 12:55 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 12:55 PM IST

Hyderabad Crime News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग लड़कियों को फंसाकर ब्लैकमेल किया जाता था
  • अर्जन को पुलिस ने हिरासत में लिया है
  • अन्य आरोपियों की तलाश और पीड़िताओं की सुरक्षा पर ध्यान

नई दिल्ली: Hyderabad Crime News आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी तेजी से अपराधों का सामने आ रहे हैं। लोग सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग व युवतियों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हैदाराबाद से सामने आया है। जहां पुलिस ने एक गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जन को हिरासत में ले ली है और मामले की जांच में जुट गई है।

Hyderabad Crime News मिली जानकारी के अनुसार, मामला साइबराबाद थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम के जरिए आरोप संपन्न परिवारों की नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। सबसे पहले उनसे दोस्ती करता था, जिसके बाद मिलता जुलता था। इसके बाद लड़कियों को फंसाकर उनकी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे।

पुलिस को शक है कि पीड़िताओं की गतिविधियों की जानकारी घरेलू कर्मचारियों के जरिए भी जुटाई जा रही थी। अधिकारियों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते अपराध का एक बड़ा उदाहरण है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

इन्हें भी पढ़े:-

आरोपी लड़कियों को कैसे फंसाता था?

इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर मुलाकात करता और फिर फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करता था।

गिरोह का मुख्य आरोपी कौन है?

पुलिस ने अर्जन नामक व्यक्ति को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है।

क्या पीड़िताओं की जानकारी घरेलू कर्मचारियों से ली जाती थी?

हाँ, पुलिस को शक है कि घरेलू कर्मचारियों के जरिए भी जानकारी जुटाई जाती थी।