विजय ने परिसीमन प्रस्ताव पर सांसदों से चर्चा की, द्रमुक-अन्नाद्रमुक ने बैठक का बहिष्कार किया

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विजय ने परिसीमन प्रस्ताव पर सांसदों से चर्चा की, द्रमुक-अन्नाद्रमुक ने बैठक का बहिष्कार किया

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  • Publish Date - August 8, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - August 8, 2026 / 08:24 PM IST

चेन्नई, आठ अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन पर चर्चा के लिए तमिलनाडु के सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक ने इस बैठक का बहिष्कार किया तथा बातचीत को ‘‘ढोंग’’ एवं ‘‘नाटक’’ करार दिया।

विजय ने केंद्र के परिसीमन के प्रस्ताव और राज्य पर इसके संभावित असर पर चर्चा की अगुवाई की।

बैठक में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के सहयोगी दलों कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल तथा मित्र दलों भाकपा और माकपा के सांसदों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 19 सांसद बैठक में शामिल हुए।

इसमें कांग्रेस के 11 सांसद; भाकपा, माकपा और वीसीके के दो-दो सांसद, तथा एमडीएमके व आईयूएमएल के एक-एक सांसद शामिल हुए।

द्रमुक के सहयोगी दलों एमएनएम और डीएमडीके (जिनके राज्यसभा में एक-एक सदस्य हैं) ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

अन्नाद्रमुक (जिसके राज्यसभा में चार सांसद हैं) और उसकी सहयोगी पार्टी पीएमके (जिसके राज्यसभा में एक सदस्य हैं) ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

द्रमुक के 22 लोकसभा सदस्य और आठ राज्यसभा सदस्य हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम और वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन भी बैठक में शामिल हुए।

विजय ने शनिवार को यहां कलैवनार अरंगम में स्थित एक सरकारी सभागार में बैठक की अध्यक्षता की।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने छह और सात अगस्त को सांसदों को अलग-अलग आमंत्रण भेजा था।

द्रमुक के वरिष्ठ नेता ए. राजा ने पेरम्बलूर में पत्रकारों से कहा कि यह ‘‘एक हंसी-मजाक वाली कवायद’’ है, क्योंकि टीवीके सरकार ऐसी चीज पर विचार कर रही है जिसके बारे में उसे कोई जानकारी ही नहीं है।

अन्नाद्रमुक ने इस बैठक को ‘‘जल्दबाजी में रचा गया नाटक’’ करार दिया और कहा कि संसद में परिसीमन का कोई नया विधेयक पेश नहीं किया गया है और न ही इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा हुई है।

अन्नाद्रमुक ने पूछा, ‘‘मुख्यमंत्री जल्दबाजी में सांसदों की बैठक के नाम पर नाटक क्यों कर रहे हैं?’’

द्रमुक के एक सांसद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि सांसदों को आमंत्रित करना ही गलत कदम है, सरकार को सबसे पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बुलाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, ‘‘सांसदों का काम पार्टी के रुख का पालन करना है। यह बैठक अनावश्यक है। द्रमुक तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारे पार्टी प्रमुख एम. के. स्टालिन ने सबसे पहले परिसीमन के खिलाफ आवाज उठाई थी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए इसके खिलाफ संघर्ष किया है।’’

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल