सेलम, 12 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु में सेलम जिले के निकट ओधियाथुर गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से तनाव फैल गया और बाद में हुई पथराव की घटना में पांच लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि हालात पर काबू पाने के लिए अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल और हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार देर रात उस समय विवाद शुरू हुआ जब स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने आंबेडकर की नवनिर्मित प्रतिमा के अनावरण का विरोध किया। प्रतिमा में आंबेडकर को एक पैर दूसरे पैर पर चढ़ाकर बैठी हुई मुद्रा में दर्शाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि प्रतिमा की स्थापना को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
सूत्रों ने बताया कि तत्काल तनाव कम करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने प्रतिमा को अस्थायी रूप से टिन की चादरों से ढक दिया।
इसके बाद जब दूसरे पक्ष ने प्रतिमा को ढके जाने का विरोध किया, मौके पर एकत्र होकर टिन की चादरें हटा दीं, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
सूत्रों बताया कि जब सरकारी अधिकारी प्रतिमा को दोबारा ढकने के लिए मौके पर पहुंचे, तो प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शन शीघ्र ही उग्र हो गया, जिसके बाद तैनात पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज किया।
पुलिस ने बताया कि इस दौरान हुई झड़प में पांच प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ओधियाथुर गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि पुलिस ने दंगा करने के आरोप में मामला दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है तथा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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देवेंद्र
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