विवेकानंद ने शिकागो भाषण के जरिए पश्चिमी जगत को ‘सनातन धर्म’ के उदात्त सार से परिचित कराया: हिमंत

विवेकानंद ने शिकागो भाषण के जरिए पश्चिमी जगत को ‘सनातन धर्म’ के उदात्त सार से परिचित कराया: हिमंत

विवेकानंद ने शिकागो भाषण के जरिए पश्चिमी जगत को ‘सनातन धर्म’ के उदात्त सार से परिचित कराया: हिमंत
Modified Date: September 11, 2026 / 10:49 am IST
Published Date: September 11, 2026 10:49 am IST

(फाइल फोटो के साथ जारी)

गुवाहाटी, 11 सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 1893 में आज ही के दिन शिकागो में दिए अपने ऐतिहासिक भाषण के जरिए पश्चिमी दुनिया को ‘सनातन धर्म’ के उदात्त सार से परिचित कराया था।

शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का शांति, साहस एवं सद्भाव का प्रभावशाली संदेश आज भी लोगों का मार्गदर्शन करता है और उन्हें प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘1893 में आज ही के दिन स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्व धर्म संसद में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था। उनके शुरुआती शब्द ‘अमेरिका के बहनों और भाइयों’ ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विवेकानंद के भावपूर्ण भाषण ने पश्चिमी दुनिया के सामने सनातन धर्म के उदात्त सार को प्रस्तुत किया और सार्वभौमिक सहिष्णुता एवं आपस में एक दूसरे को स्वीकारने का संदेश दिया।’’

शर्मा के अनुसार, स्वामी विवेकानंद ने भारत को केवल एक प्राचीन सभ्यता के रूप में नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम एक आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं तो ऐसे में विवेकानंद का शांति, साहस और सद्भाव का शक्तिशाली संदेश आज भी सभी का मार्गदर्शन करता है और प्रेरणा देता है।’’

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी


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