कोलकाता, छह मई (भाषा) भवानीपुर में निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि विधानसभा क्षेत्र के 45 आवासीय परिसरों के मतदाता ‘‘15 वर्षों में पहली बार’’ अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाये और इसके लिए निर्वाचन आयोग और सुरक्षा बलों की सराहना की जानी चाहिए।
शुभेंदु अधिकारी ने यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि वह पश्चिम बंगाल में हिंसा मुक्त और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य की जनता की ओर से धन्यवाद देने आए थे, जिसमें कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की सीधी भागीदारी रही।
तृणमूल कांग्रेस पर भवानीपुर और राज्य भर के अन्य विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं के अधिकारों को छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 15 वर्षों में भवानीपुर के आवासीय परिसरों के मतदाता, निवासी तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा अपनाई गई डराने-धमकाने की रणनीति के कारण मतदान नहीं कर सके।’’
उन्होंने कहा, “कम से कम 45 आवासीय परिसर हैं और निवासियों ने हमें बताया कि पिछले चुनाव में, उनके प्रवेश द्वार सुबह से ही बाहर से बंद कर दिए जाते थे और उन्हें दोपहर तक बाहर नहीं निकलने के लिए कहा जाता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ।’’
अधिकारी ने कहा कि इस बार ऐसे आवासीय परिसरों के निवासियों को अपने-अपने मतदान केंद्रों तक जाने में कोई समस्या नहीं हुई, वहीं निर्वाचन आयोग ने “20 आवासीय परिसरों के अंदर मतदान केंद्र भी स्थापित किए।’’
उन्होंने कहा, “नतीजतन, हजारों मतदाता वर्षों बाद इस बार अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपनी पसंद की पार्टी को वोट दे सके। ममता बनर्जी सरकार जनमत को लेकर इतनी अनिश्चित थी कि उन्होंने लोगों को वोट डालने तक नहीं दिया। परिणाम तृणमूल कांग्रेस सरकार की तानाशाही के प्रति आम मतदाता के असंतोष को साबित करते हैं।”
निवर्तमान मुख्यमंत्री बनर्जी के वोट लूट के दावों और पद छोड़ने से इनकार करने के संबंध में टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर, अधिकारी ने कहा, “आप मुझसे उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने के लिए क्यों कह रहे हैं जिनका राज्य की राजनीति में अब कोई महत्व नहीं है? अब राज्यपाल और लोक भवन को कदम उठाना है।”
तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं पर हमलों के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और उन्होंने ऐसी किसी भी घटना की कड़ी निंदा की है, ‘हालांकि ऐसी घटनाएं बड़े पैमाने पर नहीं हुई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘यदि आप 2021 के विधानसभा और 2023 के पंचायत चुनावों के बाद की स्थिति से तुलना करें, तो उस समय हजारों हमले हुए थे। 2021 में हमारे 57 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी और कुल 12,000 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। तुलनात्मक रूप से, इस वर्ष प्राथमिकी की संख्या कम है, लेकिन फिर भी हम तृणमूल कांग्रेस गुटों द्वारा की गई ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।’’
भाषा अमित आशीष
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