वक्फ बोर्ड ने मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए कहा

वक्फ बोर्ड ने मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए कहा

वक्फ बोर्ड ने मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में पंजीकरण कराने के लिए कहा
Modified Date: May 13, 2025 / 03:37 pm IST
Published Date: May 13, 2025 3:37 pm IST

देहरादून, 13 मई (भाषा) उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने प्रदेश में उसकी संपत्ति पर संचालित हो रहे 100 से ज्यादा मदरसों से राज्य विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में पंजीकरण कराने तथा उसके पाठयक्रम को पूरी तरह से अपनाने के लिए कहा है।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मंगलवार को ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘‘यह निर्णय राज्य वक्फ बोर्ड की हाल ही में हुई एक बैठक में लिया गया ताकि मदरसों में जाने वाले बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा मिल सके।’’

उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाकर उन्हें उच्च प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक जगत और पेशेवर जगत की चुनौतियों से निपटने के लायक बनाना है।

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शम्स ने बताया कि सभी मदरसा प्रबंधन अधिकारियों को बोर्ड के निर्णय के बारे में सूचित करते हुए उनसे इस दिशा में कदम उठाने को कहा गया है।

उन्हें उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद में पंजीकरण के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवेदन करने के लिए कहा गया है।

शम्स ने बताया कि बोर्ड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी पत्र लिखकर इस फैसले से अवगत करा दिया है।

शम्स ने बताया कि उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों पर 117 मदरसे चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में आधुनिकीकरण योजना वक्फ बोर्ड के तहत आने वाले कम से कम 50 मदरसों में लागू की जाएगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या इसका अर्थ मदरसों द्वारा छात्रों को दी जाने वाली पारंपरिक धार्मिक शिक्षा को बंद करना है, शम्स ने कहा कि स्कूल की सामान्य अवधि के बाद वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

भाषा दीप्ति

संतोष

संतोष


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