मादक पदार्थों के खिलाफ चेतावनी को केंद्र की फिल्म प्रमाणन दिशा-निर्देश का हिस्सा बनाया गया
मादक पदार्थों के खिलाफ चेतावनी को केंद्र की फिल्म प्रमाणन दिशा-निर्देश का हिस्सा बनाया गया
नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) मादक पदार्थों के सेवन, इस्तेमाल या तस्करी को प्रदर्शित करने वाली फिल्मों में अब ‘नशा विरोधी’ चेतावनी देना अनिवार्य होगा क्योंकि केंद्र ने फिल्मों के प्रमाणन से संबंधित दिशानिर्देशों में इस संबंध में बदलाव किया है।
संशोधित दिशानिर्देशों के तहत मादक पदार्थों के सेवन, इस्तेमाल या तस्करी को दर्शाने वाले दृश्यों के साथ यह चेतावनी दिखानी होगी, ‘‘अवैध मादक पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और इसके लिए जेल की सजा भुगतनी पड़ती हैं। नशे को ना कहें।’’
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के तहत 16 सितंबर को संशोधित दिशानिर्देश अधिसूचित किए।
यह बदलाव पहले के प्रमाणन दिशानिर्देशों से अलग है। पुराने नियमों के तहत केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को यह सुनिश्चित करना होता था कि ऐसे दृश्यों को प्रदर्शित न किया जाए, जो ‘‘नशे की लत को बढ़ावा दें, उसे उचित ठहराएं या उसका महिमामंडन करें’’। हालांकि, उसमें स्क्रीन पर ऐसी विशिष्ट चेतावनी दिखाने का प्रावधान नहीं था।
पिछले महीने मंत्रालय ने ओटीटी मंचों से भी मादक पदार्थों के सेवन या इस्तेमाल वाले दृश्यों को प्रदर्शित करने के दौरान यही चेतावनी प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा था। निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों के लिए भी इसी तरह की सलाह जारी की गई थी।
दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि हिंसा जैसी असामाजिक गतिविधियों का महिमामंडन या औचित्य नहीं दिखाया जाए, अपराध के लिए उकसाने वाले कृत्यों को प्रदर्शित न किया जाए और नशे की लत को बढ़ावा देने, उचित ठहराने या उसका महिमामंडन करने वाले दृश्यों को शामिल न किया जाए।
भाषा राखी शफीक
शफीक

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