दिल्ली में जलापूर्ति की समस्या बरकरार; वजीराबाद में यमुना का जलस्तर सामान्य से कम

दिल्ली में जलापूर्ति की समस्या बरकरार; वजीराबाद में यमुना का जलस्तर सामान्य से कम

दिल्ली में जलापूर्ति की समस्या बरकरार; वजीराबाद में यमुना का जलस्तर सामान्य से कम
Modified Date: June 15, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: June 15, 2026 5:18 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में जल शोधन कार्य प्रभावित होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पानी की किल्लत बनी हुई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

बारिश और हरियाणा से अतिरिक्त पानी हासिल करने के प्रयासों के बावजूद स्थिति गंभीर बनी हुई है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 950 से 960 मिलियन गैलन (एमजीडी) जल का शोधन हो पा रहा है, जो गर्मियों के लिए निर्धारित 1,000 एमजीडी के लक्ष्य से लगभग 40 एमजीडी कम है।

दिल्ली जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘यमुना के प्रवाह में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कमी अब भी बरकरार है क्योंकि जल शोधन लगभग 960 एमजीडी ही हो पा रहा है। जल शोधन क्षमता में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।’

पिछले करीब एक महीने से अशोधित जल की कम आपूर्ति के कारण दिल्ली जल बोर्ड के दो प्रमुख जल शोधन संयंत्रों वजीराबाद और चंद्रावल में जल का शोधन कम हो गया है, जिससे कई इलाकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वजीराबाद में यमुना का जलस्तर आवश्यक 674.5 फीट के सामान्य स्तर के मुकाबले 669.5 फीट पर बना हुआ है, जो कि सामान्य से काफी कम है।

उन्होंने कहा कि जब तक नदी में जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक जल शोधन संयंत्रों में उत्पादन कम रहने की आशंका है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अशोधित जल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए पड़ोसी राज्य हरियाणा की सरकार से बातचीत की जा रही है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘चंद्रावल जल शोधन संयंत्र में स्थिति सुधर रही है और अगले दो से तीन दिनों में जल शोधन कार्य सामान्य स्तर पर लौट सकता है।’

वजीराबाद संयंत्र की औसत जल शोधन क्षमता 131 एमजीडी है, जबकि चंद्रावल संयंत्र से औसतन 94 एमजीडी जल का शोधन किया जाता है। इन दोनों संयंत्रों की क्षमता में 25 से 30 प्रतिशत की कमी आने से दिल्ली जल बोर्ड का कुल जल शोधन कार्य प्रभावित हुआ है।

भाषा सुमित रंजन

रंजन


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