हमें उम्मीद है कि जम्मू कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने का वादा पूरा करेगा केंद्र : सुरिंदर चौधरी

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हमें उम्मीद है कि जम्मू कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने का वादा पूरा करेगा केंद्र : सुरिंदर चौधरी

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 08:45 PM IST

जम्मू, पांच सितंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करने के अपने वादे पूरे करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे के अलावा कई अन्य मुद्दे भी उठाए थे।

चौधरी ने यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘जब भी मुख्यमंत्री उमर (अब्दुल्ला) साहब दिल्ली जाते हैं, चाहे वह गृह मंत्री, प्रधानमंत्री या किसी अन्य केंद्रीय मंत्री से मिलें, वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े विकास संबंधी सभी मुद्दों पर चर्चा करते हैं।’’

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में राज्य का दर्जा बहाल करने, आरक्षण व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने, कार्य संचालन नियमों को अंतिम रूप देने और श्रीनगर में होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्मफेयर महोत्सव समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।’’

उन्होंने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि उमर की मुलाकात के बाद गृह मंत्री संसद में किए गए वादे, उच्चतम न्यायालय के समक्ष किए गए वादे और जम्मू-कश्मीर की जनता से किए गए वादे को पूरा करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस वादे को पूरा न करके भाजपा केवल जम्मू कश्मीर की जनता के साथ ही विश्वासघात नहीं कर रही है, बल्कि संसद और न्यायपालिका के साथ भी विश्वासघात कर रही है।’’

श्रीनगर में दो सितंबर को भाजपा द्वारा किए गए सरकार विरोधी प्रदर्शन को उपमुख्यमंत्री ने “नाटक” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल ने लाल चौक पर यह प्रदर्शन जम्मू कश्मीर की जनता के सामने मौजूद मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया था।

उन्होंने विपक्षी दल को चुनौती दी कि वह केंद्र शासित प्रदेश में महत्वपूर्ण पदों पर स्थानीय अधिकारियों, शिक्षाविदों और पेशेवरों को प्रतिनिधित्व दिए जाने से जुड़े सवालों का जवाब दे।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रीनगर का लाल चौक लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक प्रतीक है और भाजपा का नेतृत्व वहां केवल घड़ियाली आंसू बहाने और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए गया था।’’

उपमुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारियों की केंद्र शासित प्रदेश के बाहर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को इसी तरह के अवसर नहीं दिए जा रहे हैं।

भाषा देवेंद्र दिलीप

दिलीप