रांची, 18 अगस्त (भाषा) झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो ने मंगलवार को घोषणा की कि वह जेपीएससी और जेएसएससी के जरिए भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती के लिए जल्द ही आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करेंगे।
महतो ने कथित अनियमितताओं के कारण झारखंड सरकार द्वारा भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद सोमवार रात 16 दिन की अपनी भूख हड़ताल खत्म की।
उन्होंने कहा कि यह आदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ‘‘सरकार यह गारंटी नहीं देती कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं में कोई पेपर लीक या गड़बड़ी नहीं होगी।’’
महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने भूख हड़ताल खत्म की है, आंदोलन नहीं। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार यह गारंटी नहीं देती कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होगी। हम जल्द ही जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे।’’
आंदोलन का दूसरा चरण महतो के नेतृत्व वाले जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी रिफॉर्म मंच के बैनर तले शुरू किया जाएगा।
सोलह दिन से भूख हड़ताल पर बैठे महतो ने सोमवार आधी रात के करीब अपना अनशन समाप्त किया। यह फैसला राज्य सरकार द्वारा 2014 से एक आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा समेत सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद लिया गया।
महतो ने कहा, ‘‘हम सरकार से मांग करते हैं कि सुधारों के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए। हमने केवल वित्तीय ऑडिट ही नहीं, बल्कि संपूर्ण ऑडिट की भी मांग की है। भर्ती प्रक्रिया के हर चरण का ऑडिट होना चाहिए।’’
उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि ‘‘भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरत पड़े तो कानून बनाया जाए।’’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार समिति भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए उपाय सुझाएगी।
सोरेन ने कहा था, ‘‘सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फ़ैसला किया है।’’
भाषा आशीष माधव
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