‘‘हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे”: रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को लेकर विदेश मंत्रालय

‘‘हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे”: रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को लेकर विदेश मंत्रालय

‘‘हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे”: रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को लेकर विदेश मंत्रालय
Modified Date: September 17, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: September 17, 2026 1:51 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ पारित किया है। यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक दंडात्मक शुल्क लगाने की अनुमति देता है।

यह विधेयक ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार देता है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपने व्यापार तथा आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी ‘जरूरी कदम’ उठाएगा।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में विधेयक पारित होने के बाद भारत इस मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर रख रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद में काफी वृद्धि हुई है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘जैसा कि पहले भी कई मौकों पर कहा गया है, भारत अपने 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’’

मंत्रालय ने कहा कि भारत स्रोतों में विविधता लाने और बदलती बाजार परिस्थितियों के आधार पर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करता रहेगा।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ‘‘ इस मुद्दे पर पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के विभिन्न अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तर पर चर्चा हुई है।’’

उसने कहा कि, ‘‘ भारत ने अमेरिका के सामने इस कदम के संभावित प्रभावों को स्पष्ट रूप से रखा है-न केवल भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी।’’

भारत ने अमेरिका को यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए दृढ़ है।

उसने कहा कि सरकार इन घटनाक्रम के प्रभावों से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।

यह प्रतिबंध विधेयक पिछले महीने अमेरिकी सीनेट से पारित हुआ था। बुधवार शाम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने इसे 262-159 मतों से मंजूरी दी।

ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।

इसमें रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ रूस को तेल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले जहाजों के ‘छद्म बेड़ों’ पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, विधेयक ट्रंप को चीन, भारत और अन्य देशों पर कड़े शुल्क लगाने का अधिकार देता है, ताकि इन देशों की रूसी तेल और गैस पर निर्भरता कम की जा सके। विधेयक में ईरान पर अतिरिक्त प्रतिबंधों का भी प्रावधान है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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