यादवपुर विवि में ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को उखाड़ फेकेंगे : शुभेंदु

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यादवपुर विवि में ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को उखाड़ फेकेंगे : शुभेंदु

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 06:39 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 06:39 PM IST

कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दक्षिण कोलकाता में यादवपुर विश्वविद्यालय के पास विशाल ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ निकाली। उन्होंने कहा कि “कश्मीर आजादी चाहता है” जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर से उखाड़ फेंका जाएगा।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का मकसद भगवा रंग की “गरिमा” को बनाए रखना है।

‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए बड़ी संख्या में साधु-संतों ने इस यात्रा में हिस्सा लिया। गोलपार्क से शुरू हुई इस यात्रा का यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के पास 8बी बस स्टैंड पर समापन हुआ।

केसरिया रंग का कुर्ता पहने और भगवा झंडा थामे शुभेंदु ने लगभग तीन किलोमीटर लंबी ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया। इस यात्रा में भाजपा के सैकड़ों समर्थक भी शामिल हुए।

शुभेंदु ने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर जुटे लोगों से कहा, “हम यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को उखाड़ फेंकेगे।”

यह यात्रा यादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में जारी राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई की पृष्ठभूमि में निकाली गई है, जहां हाल के दिनों में दोनों पक्षों में झड़पें हुई हैं और उनके बीच एक-दूसरे के खिलाफ भित्तिचित्र बनाने की होड़ और नारेबाजी भी तेज हो गई है।

भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह यात्रा “भगवा रंग की गरिमा की रक्षा” करने और “इसे बदनाम करने की कोशिशों” का विरोध करने के लिए निकाली गई है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद भगवा रंग से जुड़े मूल्यों, आदर्शों और गरिमा के बारे में जागरूकता फैलाना है।

‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ शुभेंदु के यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर एक कार्यक्रम में शामिल होने के दो हफ्ते से भी कम समय बाद आयोजित की गई, जिसमें लगभग 10,000 लोगों ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया था।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश