कोलकाता, दो मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और चौकियां बनाने के लिए केंद्र को लगभग 105 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूत्र ने कहा कि लगभग 17 किलोमीटर की बाड़ लगाने और सीमा चौकियां (बीओपी) स्थापित करने के लिए यह जमीन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को हस्तांतरित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों को जमीन देने से संबंधित प्रस्तावों की जांच के लिए गठित मंत्रिस्तरीय समूह ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में बैठक की और सैद्धांतिक रूप से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
हालांकि, अंतिम मंजूरी राज्य मंत्रिमंडल द्वारा दी जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा चौकियां बनाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।’’
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार सीमा के 17 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बाड़ लगाने की योजना बना रही है और इसके लिए उसने राज्य सरकार से जमीन मांगी है।
बीएसएफ को भी इस क्षेत्र में नौ सीमा चौकियों के निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इससे पहले केंद्रीय एजेंसियों को जमीन देने से संबंधित प्रस्तावों की जांच के लिए एक विशेष मंत्रिस्तरीय समूह को नियुक्त किया था।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को मंत्रियों– चंद्रिमा भट्टाचार्य, फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास ने इन बातों पर विचार-विमर्श किया कि कहां कितनी जमीन की जरूरत है और राज्य कितनी जमीन उपलब्ध करा सकता है।
राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि 17 किलोमीटर के क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए लगभग 67 एकड़ जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, जबकि नौ बीओपी (बोर्ड ऑफ पोस्ट यानी सीमा चौकियों) के निर्माण के लिए लगभग 18 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।
सूत्रों के मुताबिक ये जमीनें फिलहाल निजी व्यक्तियों के स्वामित्व में हैं और राज्य सरकार बीएसएफ को सौंपने से पहले उनसे जमीन खरीदेगी।
सूत्रों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो इसे राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
उनके अनुसार मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने पर, जिला प्रशासन आवश्यक भूखंडों के अधिग्रहण के लिए भूस्वामियों से बातचीत शुरू करेगा।
सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिस्तरीय समूह द्वारा सीमा से सटे नौ स्थानों पर स्थित लगभग 20-25 एकड़ सरकारी जमीन को बीएसएफ को हस्तांतरित करने की सिफारिश किये जाने की संभावना है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाना है।’’
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश