पश्चिम बंगाल: तीन महीने बाद घर पहुंचे सांसद-विधायक दंपति, प्रदर्शन के बीच कुछ ही घंटों में लौटे

पश्चिम बंगाल: तीन महीने बाद घर पहुंचे सांसद-विधायक दंपति, प्रदर्शन के बीच कुछ ही घंटों में लौटे

पश्चिम बंगाल: तीन महीने बाद घर पहुंचे सांसद-विधायक दंपति, प्रदर्शन के बीच कुछ ही घंटों में लौटे
Modified Date: August 11, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: August 11, 2026 7:28 pm IST

कोलकाता, 11 अगस्त (भाषा) सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया और उनकी पत्नी एवं तृणमूल कांग्रेस विधायक संगीता रॉय, करीब तीन महीने बाद सोमवार रात अपने घर लौटे थे, लेकिन आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन के बीच दो घंटे के भीतर ही वहां से निकल गए। सांसद ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी मौजूदगी से इलाके की शांति भंग हो।

यह घटना उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले के सीताई में हुई। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने कूचबिहार जिले में केवल सीताई सीट पर जीत हासिल की थी।

चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से रॉय अपने विधानसभा क्षेत्र में नजर नहीं आई हैं। वहीं, 2024 में तृणमूल के टिकट पर कूचबिहार लोकसभा सीट से जीत हासिल करने वाले बसुनिया भी इस दौरान अधिकतर समय दिल्ली में थे।

हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद बसुनिया ने तृणमूल के 19 अन्य सांसदों के साथ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) का दामन थाम लिया और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ गठबंधन कर लिया। वहीं, सीताई की विधायक रॉय भी ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल खेमे में शामिल हो गईं।

बसुनिया और रॉय आधी रात के करीब पुलिस सुरक्षा के बीच सीतल बाजार स्थित अपने आवास में दाखिल हुए। उनके आने की खबर फैलते ही लोगों का एक समूह घर के बाहर जमा हो गया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के बीच किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नजर नहीं आया।

पुलिस की तैनाती के बावजूद जब विरोध-प्रदर्शन जारी रहा, तो दंपति ने आखिरकार वहां से जाने का फैसला किया। रात करीब दो बजे पुलिस उन्हें उनके आवास से बाहर लेकर आई, जिसके बाद वे सीताई से कूचबिहार शहर के लिए रवाना हो गए।

बसुनिया ने कहा, ‘‘मेरे घर पर कुछ जरूरी कागजात थे और मैं उन्हें लेने वहां गया था। मैं इलाके की स्थिति का जायजा भी लेना चाहता था। लेकिन रात में लोगों का एक समूह विरोध-प्रदर्शन करने लगा।’’

सांसद ने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता था कि मेरी मौजूदगी से इलाके में राजनीतिक तनाव का माहौल बने या शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। मैं कोई परेशानी नहीं चाहता, इसलिए रात में ही इलाके से निकल गया।’’

सोमवार रात हुए विरोध-प्रदर्शन के पीछे कौन था, इस सवाल पर भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने कहा कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को इस तरह का प्रदर्शन आयोजित नहीं करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस तरह का विरोध-प्रदर्शन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। अगर आम लोग इस तरह की गतिविधियां करते हैं, तो हम इसमें बहुत कुछ नहीं कर सकते।’’

भाषा आशीष अमित

अमित


लेखक के बारे में