(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर मतदान में तेजी आयी और अपराह्न तीन बजे तक 68.77 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला। इस दौरान हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और भाजपा उम्मीदवारों पर हमले की छिटपुट घटनाएं भी हुईं।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में हो रहे मतदान से 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 167 महिलाओं सहित 1,478 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।
भीषण गर्मी और उमस के बावजूद मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में कतारों में खड़े नजर आए और जैसे-जैसे समय बीतता गया, मतदान की गति तेज होती गई।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सुबह सात बजे मतदान आरंभ हुआ। पहले दो घंटे में 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 18.76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और धीरे-धीरे मतदान में तेजी आयी। पूर्वाह्न 11 बजे तक 41.11 प्रतिशत और अपराह्न एक बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तीन बजे तक 78 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। मतदान में आगे और इजाफा होने की संभावना है।
अधिकारियों ने कहा कि मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं ने बंगाल के चुनावी माहौल में अपेक्षित तनाव पैदा कर दिया। निर्वाचन आयोग ने हिंसा के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ उस समय हाथापाई की गई जब वह गड़बड़ी की खबरों के बाद एक मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे। शुभेंदु सरकार ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी पिटाई की गई और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शुभेंदु सरकार ने एक बूथ के पास अशांति फैलाने की कोशिश की थी जिसके कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
एक अन्य घटना में, आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रहमत नगर में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव किया गया जिससे उसकी पिछली खिड़कियों के शीशे टूट गए।
अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया, “जब मैं मतदान केंद्र परिसर से बाहर निकल रही थी, तब मेरी कार पर पत्थर फेंके गए, जिससे पीछे की खिड़की का शीशा टूट गया। यह साफ है कि इसके पीछे कौन है। यह चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है।” उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने बताया कि वह घटना की जांच कर रही है। साथ ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और तृणमूल के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
सुबह से ही तनाव बढ़ता जा रहा था, जब एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर एक मतदान केंद्र पर गए और उन्हें तृणमूल समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। कबीर ने बाद में सत्तारूढ़ पार्टी पर डराने-धमकाने और गड़बड़ी का आरोप लगाया जबकि तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिंसा की निंदा की।
बीरभूम के लाभपुर में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा उम्मीदवार देबाशीष ओझा के एक पोलिंग एजेंट पर हमला किया गया, जिसमें उसके सिर पर चोट लगी। इस घटना के बाद इलाके में अशांति फैल गई।
मुरारई में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में कम से कम दो लोग घायल हो गए जिससे जिले में तनाव और बढ़ गया। हालांकि, तृणमूल ने इन आरोपों से इनकार किया।
कूच बिहार के माथाभांगा में आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। दोनों पक्षों ने मतदान केंद्रों के पास मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाया जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पूर्व मेदिनीपुर के मोयना में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा समर्थकों ने कथित तौर पर तृणमूल उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, बांकुड़ा में लगभग 79 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 79.72 प्रतिशत, कूच बिहार में लगभग 79 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं पश्चिम मेदिनीपुर (65.77 प्रतिशत) और झाड़ग्राम (65.31 प्रतिशत) में भी अच्छी भागीदारी दर्ज की गई। मालदा (लगभग 76 प्रतिशत) और अलीपुरद्वार (लगभग 77 प्रतिशत) में मतदान थोड़ा कम रहा।
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तक निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 500 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि ‘सीविजिल’ ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं।
नंदीग्राम में अपना वोट डालने के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का विश्वास जताया और आरोप लगाया कि ‘‘तृणमूल द्वारा संरक्षित अपराधी’’ मतदाताओं को डरा रहे हैं।
तृणमूल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर शांतिपूर्ण मतदान में बाधा डालने का प्रयास करने और कुछ अधिकारियों के आचरण में पक्षपात का आरोप लगाया। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क किया।
वरिष्ठ तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल ने बीरभूम में मतदान करने के बाद चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया और मतदाताओं से शांतिपूर्वक मतदान करने की अपील की।
पहले चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 विधानसभा सीटों के साथ-साथ दक्षिण बंगाल और जंगलमहल के कुछ हिस्सों में मतदान हो रहा है। इन क्षेत्रों को भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र माना जा रहा है।
भाषा आशीष नरेश
नरेश