नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने बृहस्पतिवार को जीनियस स्पोर्ट्स और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के क्लब मालिकों के साथ एक बैठक बुलाई जिसमें लीग के व्यावसायिक अधिकारों से जुड़े एक बड़े प्रस्ताव की समीक्षा की गई।
इस बैठक का मुख्य केंद्र भारत की शीर्ष-टियर फुटबॉल प्रतियोगिता को और बेहतर बनाने का एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण था।
खेल डेटा और टेक्नोलॉजी कंपनी जीनियस स्पोर्ट्स पुरुषों के घरेलू फुटबॉल (जिसमें शीर्ष टियर आईएसएल और फेडरेशन कप शामिल हैं) के लिए 2129 करोड़ रुपये की बोली के साथ सबसे बड़ी व्यावसायिक बोली लगाने वाली कंपनी थी।
चर्चाओं का मुख्य विषय आईएसएल को एक विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी फुटबॉल संपत्ति के रूप में और विकसित करने के अवसरों पर केंद्रित था। साथ ही इसमें प्रशंसकों की भागीदारी और व्यावसायिक स्थिरता को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
जीनियस स्पोर्ट्स ने एक साझेदारी आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जिसमें प्रौद्योगिकी, डेटा और व्यावसायिक विशेषज्ञता का मेल था। इसका उद्देश्य लीग के विकास में सहायता करना और इसे धीरे-धीरे उन वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना था जो प्रीमियर लीग, लीगा एमएक्स, बेल्जियन प्रो लीग, सीबीएफ और स्विस फुटबॉल लीग जैसी प्रमुख प्रतियोगिताओं में देखने को मिलते हैं।
इस बैठक का एक मुख्य विषय लीग के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर केंद्रित था।
प्रस्तावित रूपरेखा में एक ‘राजस्व-साझाकरण मॉडल’ भी शामिल है। इस मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में होने वाली आर्थिक वृद्धि का लाभ क्लबों को मिले और उस राशि को फुटबॉल के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में पुनः निवेश किया जा सके।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता