हम यह बताना कब बंद करेंगे कि महिलाओं को क्या पहनना है : विज्ञापन विवाद पर कृति ने तोड़ी चुप्पी

हम यह बताना कब बंद करेंगे कि महिलाओं को क्या पहनना है : विज्ञापन विवाद पर कृति ने तोड़ी चुप्पी

हम यह बताना कब बंद करेंगे कि महिलाओं को क्या पहनना है : विज्ञापन विवाद पर कृति ने तोड़ी चुप्पी
Modified Date: August 25, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: August 25, 2026 3:31 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) राखी के अवसर पर जारी अपने नए विज्ञापन में आधुनिक परिधान को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सामना कर रहीं अभिनेत्री कृति सैनन ने मंगलवार को कहा कि भले ही वर्षों में पारंपरिक फैशन में बदलाव आया है, लेकिन अब भी किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से मापा जाता है।

सैनन ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर साझा एक नोट में कहा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं!… साथ ही, महिलाओं को यह बताना हम कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए??”

उन्होंने कहा, “वर्षों में पारंपरिक फैशन विकसित हुआ है लेकिन अब भी किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उसके कपड़ों से मापा जाता है।” यह प्रतिक्रिया एक आभूषण ब्रांड के उस विज्ञापन पर उनके खिलाफ की गई ऑनलाइन टिप्पणियों के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्हें निशाना बनाया गया था।

मंगलवार को ही अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी विज्ञापन में सैनन के परिधान पर निशाना साधा। विज्ञापन में सैनन ‘ब्रालेट-स्कर्ट कॉम्बिनेशन’ और उसके साथ केप पहनकर राखी बांधती नजर आ रही हैं। रनौत ने उनके कपड़ों को ‘‘जानबूझकर असहज करने वाला’’ बताया।

सैनन ने कहा कि त्योहारों का सार व्यक्ति द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों में नहीं, बल्कि “परंपराओं के प्रति आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके मायने” में होता है।

उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन सुरक्षा के बंधन का त्योहार है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की उतनी ही रक्षा कर सकते हैं, जितना एक भाई कर सकता है। हम एक-दूसरे के स्वास्थ्य, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं और हमारे लिए यह प्रार्थना और वादा हमारे कुत्तों के लिए भी एक समान ही है! आखिरकार, वे परिवार हैं।”

विज्ञापन में सैनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती नजर आती हैं, जबकि उनका पालतू कुत्ता उन्हें देख रहा होता है। इसके बाद वह कुत्ते के पैर में भी एक राखी बांधती हैं।

वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा हुआ और लोगों ने पारंपरिक त्योहार के दौरान उनके कपड़ों के लिए उनकी आलोचना की। कुछ लोगों ने कुत्ते को राखी बांधने पर भी आपत्ति जताई।

भाषा राखी मनीषा

मनीषा


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