वैश्विक जिंस और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई दर बढ़ी : सरकार

वैश्विक जिंस और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई दर बढ़ी : सरकार

वैश्विक जिंस और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई दर बढ़ी : सरकार
Modified Date: August 3, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: August 3, 2026 6:37 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि जून में थोक मूल्य मुद्रास्फीति बढ़कर 9.87 प्रतिशत होने का मुख्य कारण उन वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि थी, जो वैश्विक जिंस और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से अधिक प्रभावित होती हैं।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार महंगाई को काबू में रखने और उपभोक्ताओं पर इसके असर को कम करने के लिए कई कदम उठा रही है।

इन उपायों में जरूरी खाद्य पदार्थों के बफर भंडार को बढ़ाना, खरीदे गए अनाज को खुले बाजार में युक्तिपूर्वक रूप से बेचना और व्यापार नीतियों में जरूरी बदलाव करना शामिल है।

सरकार के उपायों के कारण, पिछली दो तिमाही में खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रही है — 3.1 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही) और 3.9 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही)।

वर्षवार आधार पर, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर मई के 9.68 प्रतिशत से बढ़कर जून में 9.87 प्रतिशत हो गई।

चौधरी ने कहा, ‘‘डब्ल्यूपीआई महंगाई में बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन जिंस की कीमतों में दबाव के कारण है जो वैश्विक ऊर्जा (ईंधन) और जिंस की कीमतों में उतार-चढ़ाव से अधिक प्रभावित होती हैं, खासकर खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पादों सहित), खाद्य पदार्थ, मूल धातु, रसायन और रासायनिक उत्पाद।’’

उन्होंने कहा कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ परामर्श कर विकास लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए हर पांच साल में एक बार सीपीआई खुदरा महंगाई का लक्ष्य निर्धारित करती है।

सरकार ने 25 मार्च 2026 को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए सीपीआई महंगाई का लक्ष्य 4 प्रतिशत निर्धारित किया, जिसमें निचली सीमा 2 प्रतिशत और ऊपरी सीमा 6 प्रतिशत रखी गई।

मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों और परिवहन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण, भारत की खुदरा महंगाई मई 2026 के 3.93 प्रतिशत से बढ़कर जून 2026 में अस्थायी रूप से 4.38 प्रतिशत हो गई।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव


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