चंपई सोरेन को शपथ के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया गया, क्या राष्ट्रपति शासन का इंतजार है: कांग्रेस

Ads

चंपई सोरेन को शपथ के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया गया, क्या राष्ट्रपति शासन का इंतजार है: कांग्रेस

  •  
  • Publish Date - February 1, 2024 / 12:18 PM IST,
    Updated On - February 1, 2024 / 12:18 PM IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता चंपई सोरेन को सरकार के गठन के लिए अब तक आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन की भूमिका पर सवाल खड़े किए और कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि राष्ट्रपति शासन लगाने का इंतजार किया जा रहा है।

पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में ‘पलटू कुमार’ (नीतीश कुमार) के इस्तीफा देने के कुछ देर बाद ही उन्हें शपथ दिलाई गई, लेकिन झारखंड में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन के पास 47-48 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद चंपई सोरेन को शपथ के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह क्या सोच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि झामुमो के नेता हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धनशोधन के एक मामले में बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया गया।

चंपई सोरेन ने बुधवार को कहा था कि उन्होंने 47 विधायकों के समर्थन से झारखंड में नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया।

सिंघवी ने संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले का राजनीतिक आयाम बहुत ही भद्दा औेर निंदनीय है। कल राज्यपाल को विधायकों की सूची दी गई और सबको पता है कि 47-48 विधायकों का समर्थन है। अब तक राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए सोरेन को आमंत्रित नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में ‘पलटू कुमार’ ने जब इस्तीफा दिया तो उन्हें कुछ देर बाद ही शपथ दिलाई गई थी। यहां अब तक आमंत्रित नहीं किया गया।’’

सिंघवी ने सवाल किया, ‘‘आप (राज्यपाल) इंतजार क्यों कर रहे हैं? क्या आप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कार्यालयों से दिशानिर्देश का इंतजार कर रहे हैं? क्या आप दलबदल करवाएंगे? क्या आप 47-48 के आंकड़े को बदलेंगे?’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विश्वविद्यालय से विपक्षी सरकारों को गिराने और अपनी सरकार किसी भी तरीके से बनाने की पीएचडी की डिग्री दी जाती है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘क्या राष्ट्रपति शासन लगाने का इंतजार कर रहे हैं हैं? देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री क्या सोच रहे हैं?’’

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ‘‘विपक्ष मुक्त भारत’’ का प्रयास हो रहा है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिलेगी।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा