बेंगलुरु, 18 जून (भाषा) भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनागी ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे द्वारा आरएसएस के कामकाज के बारे में विवरण मांगे जाने पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि एक दलित व्यक्ति को आरएसएस के कामकाज की इतनी चिंता करने की क्या जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रियंक खरगे को अपने पिता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की वजह से मंत्री पद मिला है जिन्होंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की।
सांसद ने प्रियंक खरगे को सलाह दी कि वह आरएसएस से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें।
विजयपुरा में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिगाजिनागी ने आरोप लगाया कि प्रियंक खरगे को यह समझ नहीं है कि गृह मंत्री को क्या पूछना चाहिए।
उन्होंने कहा, “क्या उनका काम आरएसएस के बारे में ऐसे सवाल पूछना है? उन्हें (आरएसएस के बारे में) केवल जनता बताएगी। जो भी आरएसएस के रास्ते में आया, वह टिक नहीं सका। वह अनावश्यक रूप से आरएसएस से जुड़ा मुद्दा उठा रहे हैं। हमें इस पर दुख होता है।
जिगाजिनागी खुद भी दलित समुदाय से हैं।
उन्होंने कहा, “मेरा सवाल है – इस दलित व्यक्ति को आरएसएस की चिंता क्यों करनी चाहिए?”
सांसद ने कहा कि प्रियंक खरगे को गृह मंत्री बनाया गया है और उन्हें शांति से अपना काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “चूंकि उनके पिता (मल्लिकार्जुन खरगे) ने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है, इसलिए उनके लिए व्यवस्था की गई है। उन्हें लोगों के लिए अच्छा काम करके अपना नाम बनाना चाहिए। आरएसएस के पीछे भागना उनके लिए उचित नहीं है।
प्रियंक खरगे ने सोमवार को आरएसएस से पंजीकरण कराने, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करने, धन के स्रोत, आय, व्यय और संपत्तियों का खुलासा करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा था कि आरएसएस को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही का पालन करना चाहिए।
मंत्री ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।
भाषा जोहेब नरेश
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