तिरुवनंतपुरम, नौ सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने बुधवार को सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मौजूदा संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार के कुछ मंत्रियों को अतीत में कोचीन स्थित खनन कंपनी सीएमआरएल से कथित तौर पर प्राप्त हुए धन की जांच क्यों नहीं कर रहा है।
गोविंदन ने नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की ईडी की मांग को “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘‘संभावित सांठगांठ’’ का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ कंपनी के करीब 152 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की जांच का दावा किया जा रहा है, लेकिन इनमें से केवल वीणा और उनकी अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ के साथ हुए लेन-देन की ही जांच की जा रही है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “बाकी लेन-देन का क्या? जिन अन्य लोगों ने सीएमआरएल से धन प्राप्त किया, उनमें राज्य के मौजूदा गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, उद्योग मंत्री पी. के. कुन्हालीकुट्टी और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी भी शामिल हैं।”
माकपा नेता ने पूछा, “इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है? इससे साफ पता चलता है कि ईडी राजनीतिक रूप से विजयन और रियाज को निशाना बना रही है।”
गोविंदन ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का “दोहरा रवैया” है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का विरोध करती है, लेकिन अतीत में उसने ही सवाल उठाया था कि एजेंसी ने विजयन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया।
उन्होंने कहा, “इसलिए, साफ प्रतीत होता है कि मौजूदा मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच एक सौदा हुआ है। लग रहा है कि इसी के तहत काम हो रहा है। हम ऐसे कदमों से राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर निपटेंगे। लोग देख रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या कार्रवाई करती है।”
गोविंदन की यह टिप्पणी ईडी द्वारा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रावदा ए चंद्रशेखर को एक पत्र भेजकर विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके पति पी ए मोहम्मद रियाज तथा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले के सिलसिले में पीएमएलए के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए ‘‘साक्ष्यों’’ के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग के बाद आई है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने ‘‘आईटी परामर्श सेवाओं’’ की आड़ में वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया।
तिरुवनंतपुरम में एक किराए के मकान में विजयन के साथ रह रहीं वीणा से जुड़े परिसरों की केंद्रीय एजेंसी ने जून में तलाशी ली थी और बाद में उनसे पूछताछ की थी।
भाषा खारी मनीषा
मनीषा