बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर सरकार मौन क्यों : अजय राय
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर सरकार मौन क्यों : अजय राय
प्रयागराज (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विपक्ष पर निशाना साधे जाने के बाद कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर यहां माघ मेले में केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
माघ मेला क्षेत्र में जारी कांग्रेस सेवा दल के विशेष समर्थ प्रशिक्षण शिविर में शनिवार को अजय राय ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में हिंदुओं की लगातार हत्या हो रही है, उनके घर-मंदिरों पर हमले किए जा रहे हैं लेकिन देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठी है।’’
इससे पूर्व, दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले में एक कार्यक्रम में बांग्लादेश के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘‘धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ठेका लेकर चलने वाले लोगों का बांग्लादेश की घटना पर मुंह बंद है। इनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है। ऐसा लगता है कि किसी ने इनके मुंह पर फेवीकोल चिपका दिया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘ऐसे लोगों द्वारा बांग्लादेश की घटना को लेकर कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह हम सब के लिए एक चेतावनी भी है।’’
राय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बांग्लादेश की (अपदस्थ) प्रधानमंत्री शेख हसीना को ‘दामाद की तरह’ भारत में विशेष संरक्षण दे रहे हैं, जबकि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहा है।’’
उन्होंने कहा की प्रदेश की योगी सरकार धर्म, आस्था और सेवा के पर्व माघ की पवित्र भावना को ठेस पहुंचाते हुए राजनीतिक अवसरवाद तलाशने का काम कर रही है। मेला क्षेत्र में हर तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है।
अजय राय ने कहा कि प्रदेश सरकार का बुलडोजर सिर्फ और सिर्फ विपक्षी नेताओं और गरीबों पर चलने के लिए है, लेकिन कोडीन युक्त कफ सिरप वालों के लिए नहीं है।
कार्यक्रम में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा की सेवा दल में सेवा की भावना पिछले 100 वर्षो से अधिक सालों से रची बसी हुई है और उसने देश की आजादी की लड़ाई में महत्पूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि प्रयाग धार्मिक नगरी है, संगम की रेती पर आयोजित पवित्र माघ मेले को प्रदेश की योगी सरकार सियासत का अखाड़ा न बनाये।
मोना ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिये सरकार दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़ी जातियों के नाम मतदाता सूची से काटने की तैयारी में है।
भाषा राजेंद्र सिम्मी
सिम्मी

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