नई दिल्लीः Amit Shah in Parliament: महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। सदन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिल को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। एक वक्त ऐसा आया जब कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और गृहमंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
दरअसल, अमित शाह के भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने 50 प्रतिशत सीटे बढ़ाने कि लिए ऑफिशियल अमेंडमेंट लाने की बात कही। इस पर अमित शाह ने कहा कि हां मैं तैयार हूं, एक घंटे सदन बंद कर दीजिए। मैं अमेंडमेंट ला दूंगा। बोलिए तैयार हैं। इस बीच ओम बिरला ने कहा कि कई बार सदन में फैसले हो जाते हैं। यहीं फैसला कर लो। वही अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तक 11 साल का अनुभव है। अगर भाजपा लिखकर दे देंगे कि हम महिला PM बनाएंगे तो भी मैं इनपर भरोसा नहीं करूंगा।
शाह ने कहा- 50 सालों तक 1976 से 2026 तक, देश की जनता को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधि नहीं मिला। 26 में सीमा खत्म के बाद परिसीमन करेंगे तो 2029 से पहले खत्म नहीं होगा और 2027 तक जनगणना के आंकड़े नहीं आ सकते। अगर हम 2029 का चुनाव नारी शक्ति के स्पिरिट से कराना चाहते हैं तो अभी लाना पड़ेगा। मुझे लगता है विपक्ष समझे हुए हैं। 76 में 56.79 करोड़ आबादी थी। आज 140 करोड़ है। तब जितने सांसद थे, विपक्ष अब भी उतने ही सांसद रखना चाहता है।
Amit Shah in Parliament: शाह ने कहा- बिल जबसे आया है तब से विपक्ष ने भांतियां फैलाईं कि जाति जनगणना को टालने के लिए ये कर रहे हैं। मैं बताना चाहता हूं कि 3 महीने पहले ही जाति जनगणना की शुरुआत हो गई है। उसका पहला फेज चल रहा है। कह रहे हैं कि दक्षिण के साथ अन्याय हो जाएगा। मैं कह रहा हूं कि दक्षिण के राज्यों का सदन पर उतना ही अधिकार है जितना उत्तर के राज्यों का। विपक्ष उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं। हम नहीं होने देंगे, ये क्या नैरेटिव फैला रहे हैं। बाल सफेद हो जाएंगे, आप यहां नहीं बैठ पाएंगे। देश का विभाजन करके सत्ता नहीं मिलती।
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