नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने महिला आरक्षण लागू करने के मकसद से सरकार द्वारा लाए जाने वाले तीन विधेयकों के संबंध में मंगलवार को कहा कि जब किसी विधेयक की मंशा शरारतपूर्ण और उसकी विषय वस्तु भ्रामक हो तो संसदीय लोकतंत्र को बहुत नुकसान होता है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जब किसी विधेयक के पीछे की मंशा शरारतपूर्ण हो और उसकी विषय वस्तु भ्रामक हो तो संसदीय लोकतंत्र को नुकसान की सीमा बहुत अधिक होती है।’’
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है।
इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इन्हीं से संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।
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