महिला आरक्षण विधेयक चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने का बहाना: तृणमूल कांग्रेस

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महिला आरक्षण विधेयक चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने का बहाना: तृणमूल कांग्रेस

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 08:21 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 08:21 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में भाजपा नीत राजग सरकार की ‘‘जल्दबाजी’’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का महज ‘‘बहाना’’ है।

तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आशंका भी जताई कि प्रस्तावित परिसीमन आयोग ‘‘निर्वाचन आयोग की तरह ही निरंकुश’’ होगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इन विधेयकों को वर्तमान में हो रहे विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक लाभ के लिए पेश किया है।

तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘सरकार ये विधेयक पहले क्यों नहीं लाई? विधानसभा चुनाव के समय अब ​​इतनी जल्दबाजी क्यों है? महिला आरक्षण चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का बहाना है।’’

विधेयकों को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हाथरस, उन्नाव और कठुआ में महिलाओं के साथ हुए अत्याचारों पर चुप रही।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में पहले से ही 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण के खिलाफ नहीं है और इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग करती है।

भाषा सुभाष हक

हक