महिला आरक्षण: और 273 सीटों के लिए लोकसभा की वर्तमान 543 सीट का करना होगा परिसीमन

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महिला आरक्षण: और 273 सीटों के लिए लोकसभा की वर्तमान 543 सीट का करना होगा परिसीमन

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 10:45 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 10:45 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) महिला आरक्षण कानून को लागू करने की सरकार की योजना के तहत लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने के लिए मौजूदा सीटों में से नए निर्वाचन क्षेत्रों का निर्माण करना पड़ सकता है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

परिसीमन प्रक्रिया से पहले ही महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए, सरकार महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित करने के लिए दो विधेयक लाने की योजना बना रही है।

परिसीमन अधिनियम में संशोधन करके केंद्र सरकार महिलाओं के लिए 273 नई सीटें सृजित करने की योजना बना रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि इसका एक संभावित तरीका मौजूदा 543 सीटों में से नई सीटें निकालना है।

अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित करने के नियम तो हैं, लेकिन महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का फिलहाल कोई मानदंड नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक तरीका यह हो सकता है कि महिलाओं के लिए प्रस्तावित 273 सीटों का निर्धारण लॉटरी के माध्यम से किया जाए।

विधानसभाओं में महिलाओं के लिए समान 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के लिए, ‘आनुपातिक’ सूत्र लागू किया जाएगा।

वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण के लिए किया जाएगा क्योंकि वर्तमान जनगणना अभी पूरी नहीं हुई है।

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान संविधान में संशोधन करके लाया गया था, लेकिन यह परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा।

उपलब्ध व्यापक रूपरेखा के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 कर दी जाएगी, जिसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित होंगी। आरक्षण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों के आवंटन के साथ ‘ऊर्ध्वाधर आधार’ पर किया जाएगा।

जहां एक संविधान संशोधन विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम (जिसे आम तौर पर महिला आरक्षण कानून के रूप में जाना जाता है) में संशोधन करेगा, वहीं एक अन्य सामान्य विधेयक परिसीमन अधिनियम में संशोधन करेगा।

संसद द्वारा अनुमोदित होने के बाद, प्रस्तावित कानून 31 मार्च, 2029 से लागू हो जाएंगे तथा इससे आगामी लोकसभा चुनाव में और ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम एवं आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनावों में सीटों के आरक्षण में मदद मिलेगी।

भाषा

राजकुमार रंजन

रंजन