लोकसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर महिला आरक्षण लागू किया जाए: कांग्रेस

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लोकसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर महिला आरक्षण लागू किया जाए: कांग्रेस

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 04:47 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 04:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की और इस मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से महिला आरक्षण को जानबूझकर टाल रही है।

विधानमंडलों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में खारिज होने के दो दिन बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के प्रभारी महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा, “जब यह विधेयक पारित हुआ था, तब हमने (कांग्रेस ने) मांग की थी कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को 2024 के लोकसभा चुनाव से लागू किया जाए। इस मांग को नजरअंदाज कर दिया गया और हमें कहा गया कि इसे लागू करने की तारीख बाद में तय की जाएगी। करीब 30 महीने तक चुप्पी रही। अचानक 16 अप्रैल की रात इस कानून को अधिसूचित कर दिया गया।”

रमेश ने आरोप लगाया कि जब यह स्पष्ट हो गया कि परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक विपक्ष की एकता के कारण पारित नहीं होगा, तो सरकार ने “जल्दबाजी में महिला आरक्षण कानून को अधिसूचित किया” और अब दावा कर रही है कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ है।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च किया।

इस दौरान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा, दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पुष्पा सिंह और एआईसीसी की प्रवक्ता रागिनी नायक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

सभा को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर तुरंत महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया है।

उन्होंने कहा, “आज का हमारा विरोध प्रदर्शन महिला आरक्षण की मांग के लिए है जो कई वर्षों से लंबित है। यह विधेयक 2023 में संसद में पेश हुआ और सर्वसम्मति से पारित हुआ। आज भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करने की कोशिश कर रही है। अगर आप वास्तव में महिलाओं के हितैषी हैं, तो मौजूदा 543 सीटों पर ही आरक्षण लागू करें।”

भाषा जोहेब नरेश

नरेश