महिला अधिकार समूहों ने असम विधानसभा चुनाव के लिए दलों को सौंपी अपनी मांगों की सूची

Ads

महिला अधिकार समूहों ने असम विधानसभा चुनाव के लिए दलों को सौंपी अपनी मांगों की सूची

  •  
  • Publish Date - March 18, 2021 / 11:12 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:32 PM IST

गुवाहाटी,18 मार्च (भाषा) असम में महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों ने राज्य विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने वाले दलों को महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाने, जीविकोपार्जन के लिए उन्हें उचित सुरक्षा देने, सामान आर्थिक भागीदारी और बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधा मुहैया कराने जैसी कई मांगों वाला एक घोषणापत्र सौंपा है।

‘नॉर्थ ईस्ट नेटवर्क (एनईएन) की राज्य समन्वयक अनुरिता पाठक हजारिका ने बताया कि लैंगिक समानता के क्षेत्र में काम करने वाले पांच संगठनों ने ‘महिला घोषणापत्र-2021’ तैयार किया है। उन्होंने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के समक्ष अपनी मांगे रखी हैं ताकि ये लोग महिलाओं के सामने पेश आने वाली दिक्कतों को समझ सकें और निर्वाचित होने के बाद इन्हें अपनी योजनाओं में शामिल कर सकें।

हजारिका ने कहा, ‘‘ घोषणापत्र एक समग्र प्रक्रिया है जिसके जरिए विभिन्न पृष्ठभूमि और सामाजिक समूहों की महिलाएं एक साथ आई हैं और उन्होंने लैंगिक समानता हासिल करने और असम के विकास की राह में मुश्किलों की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की है।’’

यह घोषणापत्र एनईएन, पूर्वा भारतीय एजुकेश्नल ट्रस्ट (पीबीईटी), वीमेन्स इन गवर्नेंस, विमेन्स लीडरशिप ट्रेनिंग सेंटर और जोबडो ने मिल कर तैयार किया है।

डब्यूआईटीसी की वनमल्लिका चौधरी ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने की होगी कि महिला आरक्षण विधोयक तत्काल पारित हो और विधानसभा में तथा संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का आश्वासन दिया जाए।

भाषा

शोभना पवनेश

पवनेश