जयपुर, 21 जनवरी (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को कहा कि राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर कहीं कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है उन्हें बंद किया जाए।
राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति बागडे ने यहां लोकभवन में कुलगुरु समन्वय समिति की बैठक में कहा कि उच्च शिक्षा में ‘सुधरो नहीं तो बंद करो’ नीति पर कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बगैर अनुमति यदि कहीं किसी कॉलेज या शिक्षण संस्था को विश्वविद्यालय स्तर पर मान्यता दी गई है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को सुदृढ़ किए जाने और वहां नियुक्त कुलगुरुओं का मनोबल बढ़ाने के लिए भी काम किए जाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की नींव है, इसलिए इसके उत्थान के लिए सभी स्तरों पर प्रयास हों।
बागडे ने सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) रैंकिंग के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय शैक्षिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति में नवाचार से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें। राज्य सरकार स्तर से जुड़ी भर्ती और वित्तीय स्वीकृतियां से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने का जल्द प्रयास किया जाएगा।”
उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि ‘नैक’ रैंकिंग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का रोस्टर बनाकर उन्हें भरने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।
भाषा पृथ्वी नोमान
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