रांची, 21 अप्रैल (भाषा) झारखंड की राजधानी रांची में वस्त्र निर्यात करने वाली एक कंपनी के एक हजार से अधिक श्रमिकों ने मंगलवार को वेतन भुगतान में देरी को लेकर फैक्टरी के द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिला श्रमिक शामिल थीं।
अधिकारियों ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के कारण खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग पर करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक महिला श्रमिक, ज्योति देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें फरवरी और मार्च महीने का वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, ‘अप्रैल में मुझे दो किस्तों में केवल 1,500 रुपये मिले, जबकि कंपनी में हमारा वेतन तय है। जब हमने भुगतान के संबंध में प्रबंधन से संपर्क किया, तो उन्होंने केवल आश्वासन दिया लेकिन वास्तव में वह कुछ नहीं कर रहे हैं।’
बिहार के समस्तीपुर जिले की एक अन्य श्रमिक कोमल कुमारी ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से बिना वेतन के काम कर रही है और अब उसके लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
वहीं, साल 2018 से निर्माण विभाग में संचालक के रूप में कार्यरत सोनी देवी ने बताया कि पिछले तीन महीनों से वेतन में हो रही देरी की वजह से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी के मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक रवि भूषण ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों का पिछले दो महीनों का वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने की कोशिश कर रहा है।
रवि भूषण ने बताया, ‘मैंने उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है और वे बुधवार को यहां आकर श्रमिकों के साथ बैठक करेंगे। वैश्विक संकट के कारण कंपनी वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क की वजह से वस्त्र निर्यात पर बुरा असर पड़ा है।’
भूषण ने यह भी जानकारी दी कि इस फैक्टरी में लगभग 2,400 महिला श्रमिक कार्यरत हैं।
खेलगांव थाना प्रभारी अभिषेक राय ने बताया कि प्रबंधन द्वारा बकाया वेतन के भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद श्रमिकों ने सड़क से जाम हटा दिया।
यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के बीच हाल ही में हुए असंतोष की घटनाओं के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।
भाषा प्रचेता पवनेश
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