बंगाल के विधायकों के लिए आयोजित कार्यशाला में वित्तीय समझदारी और विधायी निगरानी पर बल दिया गया
बंगाल के विधायकों के लिए आयोजित कार्यशाला में वित्तीय समझदारी और विधायी निगरानी पर बल दिया गया
कोलकाता, 18 अगस्त (भाषा) पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने में वित्तीय समझदारी एवं मजबूत विधायी निगरानी के महत्व पर जोर देते हुए भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) ने मंगलवार को यहां पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की।
आईसीएआई ने एक बयान में कहा कि राज्य के 110 विधायकों ने कार्यशाला के सत्रों में हिस्सा लिया जो समझदारी भरे वित्तीय प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, बजट बनाने की प्रक्रियाओं और सार्वजनिक वित्त में जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विधायी निगरानी की अहम भूमिका के बारे में उनकी समझ को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किये गये थे।
बयान के अनुसार, कोलकाता में आईसीएआई के उत्कृष्टता केंद्र ‘सार्वजिनक वित्तीय प्रबंधन में शासन को मज़बूत करना: एक विधायी नज़रिए से’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रतींद्र बोस शामिल हुए।
बयान में कहा गया, ‘‘इस कार्यशाला ने इस बात पर सार्थक बातचीत और विचार-विमर्श का मौका भी दिया कि कैसे विधायकों की बेहतर वित्तीय समझ से सुविचारित विधायी निर्णय लेने, सार्वजनिक खर्च की प्रभावी निगरानी और नागरिकों के लिए बेहतर शासन नतीजों में मदद मिल सकती है।’’
मई में पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई।
भाषा
राजकुमार वैभव
वैभव

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