दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बरकरार

दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बरकरार

दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बरकरार
Modified Date: August 28, 2025 / 11:16 am IST
Published Date: August 28, 2025 11:16 am IST

नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 205.45 मीटर दर्ज किया गया।

खतरे का निशान 205.22 मीटर पर है।

बुधवार शाम आठ बजे नदी का जलस्तर 205.35 मीटर के निशान पर पहुंच गया था और तब से इसमें वृद्धि हो रही है। केंद्रीय जल आयोग ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी है, जैसे कि नदी के तटबंधों के पास रहने वाले लोगों को चेतावनी देना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करना।

अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों को स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ‘जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे बड़ी मात्रा में जल छोड़ा जाना है।’

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे लगभग 36,536 क्यूसेक जबकि वजीराबाद बैराज से हर घंटे 58,290 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नजर रखने के लिए एक प्रमुख अवलोकन बिंदु है।

दिल्ली में यमुना के जलस्तर का चेतावनी का निशान 204.50 मीटर है जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। जलस्तर 206 मीटर पहुंचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू होता है।

बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा


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